देवरिया। आय प्रमाणपत्र की वैधता एक साल पूर्व ही शासन ने तीन साल कर दी है। शासनादेश जारी होने के बाद भी जिले के किसी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है।
इसके अमल में न आने से छात्रों से लेकर आमलोग परेशान हो रहे हैं। संस्थाएं छह माह तक ही आय प्रमाणपत्र को वैध मान रहीं हैं। स्कूल-कॉलेजों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आय प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा अन्य कार्यों में भी इस इसकी आवश्यकता होती है। छात्रों और आम लोगों की जरूरत को देखते हुए शासन ने सितंबर 2011 को आय प्रमाणपत्र की वैधता छह माह से बढ़ाकर तीन साल तक कर दिया था।
इसके लिए शासनादेश जारी कर सभी डीएम को त्वरित पालन के लिए भी कहा गया। इस आदेश को पालन कराए जाने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने सभी तहसीलों को पत्र जारी कर दिया। ताज्जुब यह है कि यह आदेश फाइलों में ही दब कर रह गया। इसको किसी ने संज्ञान में नहीं लिया। यहां तक आदेश जारी करने वाले अपर जिलाधिकारी को भी प्रमाणपत्र के वैधता अवधि बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं है। सबसे अहम बात तो यह है कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि समाज कल्याण विभाग से ही आहरित होती है। इस विभाग के अधिकारी को भी प्रमाणपत्र के वैधता अवधि नहीं मालूम है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजकेश्वर ने बताया कि शासनादेश बदलता रहता है। अभी तक छह माह या एक साल तक के वैधता की जानकारी हमें है। इसके संबंध में एसडीएम से भी जानकारी ले लें।