देवरिया। बेतरतीब बसावट से जूझ रहे देवरिया शहर का कायाकल्प होने में बस कुछ ही महीने बाकी हैं। डीएम की पहल पर देवरिया को विकास प्राधिकरण बनाने की कवायद तेज हो गई है। शासन के निर्देश के बाद मास्टर प्लान के कर्मचारी प्राधिकरण का नक्शा बना रहे हैं। खर्च आदि का ब्यौरा भी तैयार कर लिया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो एक साल के भीतर ही शहर विकास प्राधिकरण घोषित हो जाएगा।
डीएम अमित किशोर ने सितंबर में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को पत्र भेजकर विनियमित क्षेत्र को नगर विकास प्राधिकरण का दर्जा देने का अनुरोध किया था। अक्तूबर में शासन ने डीएम के पत्र पर अमल करते हुए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। तबसे मास्टर प्लान के कर्मचारी विकास प्राधिकरण का प्रारूप तैयार करने में जुटे हैं। समुचित प्रस्ताव में सभी बिंदुओं को समाहित करते हुए विकास क्षेत्र का मानचित्र दो प्रतियों में मुख्यालय लखनऊ को भेजा जाएगा। इसमें आबादी, क्षेत्रफल के अलावा विकास प्राधिकरण में सृजित पदों का विवरण तैयार कर लिया गया है। नक्शा बनाने का काम अंतिम दौर में है। नए सत्र से पहले विकास प्राधिकरण का प्रारूप शासन को भेज दिया जाएगा। प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिली तो प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले शहरी व ग्रामीण इलाकों के साथ धार्मिक व पर्यटक महत्व वाले स्थानों को नई पहचान मिलेगी।
विकास प्राधिकरण से मिलेगी सहूलियत
विनियमित क्षेत्र के विकास प्राधिकरण घोषित होने से नगरवासियों समेत आसपास के ग्रामीणों को ढेर सारी सहूलियत मिलेगी। प्राधिकरण में होने वाले सभी निर्माण शहर के मानक को पूरा करेंगे। इससे भविष्य में नगरपालिका का विस्तार होने पर शहर में शामिल ग्रामीणों को कठिनाई नहीं होगी। सड़क, नाली के इंतजाम नक्शा तैयार करते समय ही किए जा रहे हैं। जहां जैसी जमीन होगी उसी के अनुसार कालोनी बसाई जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र, कृषि क्षेत्र, समतल एरिया अलग-अलग चिह्नित किए गए हैं। जैसी जमीन होगी उसी के अनुसार विकास का खाका तैयार होगा।
188 गांव तीन नगर होंगे शामिल
प्रस्तावित विकास प्राधिकरण में नगर पालिका परिषद देवरिया, नगर पंचायत रामपुर कारखाना, नगर पंचायत गौरीबाजार को शामिल किया गया है। इसके अलावा आसपास के 188 राजस्व गांव भी जोड़े गए हैं। नगरीय निकायों सहित 178 गांवों को मिलाकर नक्शा तैयार कर लिया गया है। बाकी बचे दस गांव जल्द ही नक्शे में जुड़ जाएंगे।
मुख्यमंत्री को भी सौंपा गया था पत्र
राजकीय मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए 26 दिसंबर को देवरिया आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भाजपा जिला इकाई ने छह सूत्री मांगपत्र सौंपा था। इसमें भी देवरिया विकास प्राधिकरण की मांग शामिल रही। सीएम ने इस पर विचार कर शीघ्र कार्रवाई शुरू कराने का आश्वासन दिया था।
30 अधिकारी कर्मचारियों की होगी तैनाती
देवरिया विकास प्राधिकरण बनने पर यहां 30 अतिरिक्त अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। जिसमें एक नगर नियोजक, दो सहायक नगर नियोजक, दो सहायक वास्तुविद, चार प्लानिंग सहायक, एक अपर सांख्यिकीय अधिकारी, दो सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, छह अवर अभियंता, एक आशुलिपिक, तीन अनुरेखक, एक नील मुद्रक, तीन मानचित्रकार, एक चालक व तीन चपरासी के पद सृजित होंगे। इन सभी को मिलाकर एक साल में 48 लाख 71 हजार 160 रुपये वेतन मद में खर्च आएगा।
कब क्या हुआ
* 25 अगस्त को डीएम की अध्यक्षता में नियंत्रक प्राधिकारी सभा की बैठक में रणनीति बनीं।
* 28 सितंबर को डीएम ने प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को प्रस्ताव भेजा।
* 17 अक्तूबर को मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक प्रस्तावित विकास प्राधिकरण का प्रारूप तैयार करने का निर्देश दिया।
* 70 गांव मौजूदा विनियमित क्षेत्र में शामिल हैं।
विनियमित क्षेत्र देवरिया को विकास प्राधिकरण बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है। शासन की डिमांड पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। खुद डीएम साहब समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। नया सत्र शुरू होने से पहले प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। - सीताराम गुप्त, एडीएम वित्त एवं राजस्व