छह बार सपा और छह बार कांग्रेस के कब्जे में रही भाटपाररानी सीट
भाटपाररानी। विधानसभा चुनाव में सभी दलों के प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर सभी दलों ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। इस सीट पर समाजवादियों और कांग्रेसियों का दबदबा रहा है। छह बार समाजवादी पार्टी और छह बार कांग्रेस, दो बार लोकदल, दो बार जनता दल और एक बार निर्दल प्रत्याशी ने परचम लहराया है। भाजपा और बसपा अब तक इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी हैं।
भाटपाररानी विधानसभा सीट वर्ष 1952 में अस्तित्व में आई। सलेमपुर तहसील के चुरिया नदौली ग्राम निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कांग्रेस से विजय दर्ज की। उसके बाद 1957 में कांग्रेस के ही भाटपार रानी नगर निवासी अयोध्या प्रसाद आर्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने विजय हासिल की। 1962 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के कैलाश कुशवाहा, 1967 में पुन: कांग्रेस के अयोध्या प्रसाद आर्य, 1969 में लोकदल से हरिवंश सहाय, 1974 में कांग्रेस से रघुराज प्रताप सिंह, 1977 में जनता पार्टी से राजमंगल तिवारी, 1980 में बीकेडी से हरिवंश सहाय, 1984 में निर्दलीय प्रत्याशी कामेश्वर उपाध्याय जीते, जो बाद में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। 1989 में जनता दल से हरिवंश सहाय, 1991 में पुन: जनता दल से हरिवंश सहाय, 1993 में कांग्रेस पार्टी से कामेश्वर उपाध्याय चुनाव जीते। वर्ष 1994 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद पहली बार समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी योगेंद्र सिंह सेंगर ने 1996 में जीत दर्ज कर पहली बार सपा का परचम लहराया। उसके बाद वर्ष 2002 में कांग्रेस पार्टी से कामेश्वर उपाध्याय ने जीत हासिल की। बाद में कामेश्वर उपाध्याय समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और वर्ष 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी से चुनाव में विजय हासिल की। वर्ष 2013 में कामेश्वर उपाध्याय के निधन के बाद उपचुनाव में उनके पुत्र आशुतोष उपाध्याय उर्फ बबलू ने जीत हासिल की। पुन: 2017 में समाजवादी पार्टी के आशुतोष उपाध्याय चुनाव में जीत हासिल की। इतने लंबे अंतराल में भाजपा और बसपा ने दमदारी से चुनाव तो लड़ा, परंतु विजय हासिल नहीं कर सकीं।
विधानसभा चुनाव 2022 में प्रमुख दलों के घोषित प्रत्याशी
भाजपा सभाकुंवर
सपा आशुतोष उपाध्याय बबलू
बसपा अजय कुशवाहा
कांग्रेस केशवचंद्र यादव
कुल मतदाता 333516
महिला 155617
पुरुष 188546
अन्य 04