देवरिया। सरिया आपूर्ति करने के नाम पर एक फर्म ने दूसरी फर्म का 32 लाख रुपये हड़प लिया। मामले में पुलिस ने फर्म संचालक समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सरिया और रिंग खरीदने को ग्रामीण क्षेत्र के फर्म ने शहर के एक थोक फर्म के खाते में 40 लाख रुपये जमा किया, लेकिन थोक फर्म के मालिक ने बिना सरिया की आपूर्ति किए ही पैसा जमा करने वाले फर्म के नाम पर फर्जी ईवे बिल जारी कर दिया। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर उसने 7.50 लाख वापस कर दिया।
बरियारपुर थाना क्षेत्र के पाण्डेयपुर निवासी सत्यसेन नाथ त्रिपाठी ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह मेसर्स सत्यसेन नाथ त्रिपाठी नामक फर्म के संचालनकर्ता व प्रोपराइटर हैं। फर्म के कार्य करने को उन्हें सरिया व रिंग की आवश्यकता थी, इसके लिए उन्होंने सदर कोतवाली के मालवीय रोड निवासी मेसर्स पवन स्टील से संपर्क किया। इस फर्म में पवन गुप्ता, सुषमा देवी व प्रियेश गुप्ता पुत्र पवन गुप्ता कार्य करते हैं। अपनी फर्म के स्टील, रिंग की आपूर्ति को उक्त तीनों से बात की। उन्होंने एचडीएफसी बैंक के खाते में 40 लाख रुपये देने को कहा। तीनों लोगों पर विश्वास कर उन्होंने 15 मार्च 2023 को 40 लाख रुपये मेसर्स पवन स्टील के बैंक खाते में डाल दिया। पैसा भेजने के बाद तीनों ने मिलकर धोखाधड़ी करते हुए मेसर्स पवन स्टील फर्म द्वारा फर्जी ईवे बिल उनके फर्म के नाम पर जारी कर दिया। फर्जी बिल काटने की जानकारी होने पर उन्होंने इसकी शिकायत 20 मार्च को वाणिज्य कर विभाग से किया। खाते में भेजे 40 लाख रुपये का सरिया, रिंग मांगने पर पवन स्टील फर्म ने सात लाख रुपये का चेक उनके फर्म के नाम से दिया तथा 28 मार्च को आनलाइन 50 हजार रुपये ट्रांसफर किया। पवन स्टील ने 9 व 15 अप्रैल को 5-5 लाख रुपये का दो चेक उनके फर्म के नाम पर जारी किया, लेकिन बैंक में जमा करने पर रोक लगने से उन्हें भुगतान नहीं हुआ। इस तरह से उक्त तीनों ने मिलकर उनका 32.50 लाख रुपये हड़प लिए है। पुलिस ने सुषमा देवी, प्रियेश गुप्ता व पवन गुप्ता के खिलाफ जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।