दिल्ली गैंगरेप की शिकार बिटिया के पिता 10 फरवरी के बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिलेंगे। वह उनसे छठे नाबालिग आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग करेंगे।
बिटिया के पैतृक गांव के विकास की ओर ध्यान आकृष्ट कराएंगे। गांव का विकास बिटिया का सपना था। बलिया से नई दिल्ली तक बिटिया के नाम पर ट्रेन चलाने की घोषणा ने उनके पूरे परिवार के जख्म को भरने का काम किया है।
सोमवार को बिटिया के पिता ने फोन पर ‘अमर उजाला’ प्रतिनिधि को बताया कि जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर उनका पैतृक गांव अति पिछड़ा है। यहां बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर अन्य सुविधाएं आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं। वह दस फरवरी के बाद राष्ट्रपति भवन से मिलने का समय मांगेंगे।
वह राष्ट्रपति से मिलकर वह दो याचनाएं करेंगे। नाबालिग दरिंदे को फांसी हो और बिटिया के गांव का विकास। कहा कि मेरे पैतृक गांव पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांव के विकास के लिए पहल की। सीएम ने गांव में पीएचसी बनाने की घोषणा की।
इस दिशा में पहल जारी है। अब बाकी बचे बिटिया के सपने को पूरा कराने के लिए हम कदम पीछे नहीं करेंगे। शिक्षा के अभाव में बेटियों को शहर-दर-शहर भटकना न पड़े इसके लिए इलाके में विश्वविद्यालय खोलने की मांग करेंगे।