उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेशभर के सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत करीब 17 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल गहराने लगे हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग इन शिक्षकों को सरप्लस घोषित करने के बाद अब इनके वेतन रोकने की कार्रवाई भी शुरू कर चुका है।
कानपुर, जालौन, आजमगढ़, बलिया, मऊ, चंदौली समेत कई जिलों के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है जबकि अगले महीने राजधानी समेत प्रदेश के अन्य जिलों के शिक्षकों का वेतन रोकने की तैयारी है।
माध्यमिक शिक्षा संघ (चंदेल गुट) के प्रवक्ता डॉ. महेंद्रनाथ राय ने इस बारे में बताया कि जनशक्ति निर्धारण में विभाग ने नियमों की अनदेखी की है। उन्होंने इसके खिलाफ एक जुलाई से आंदोलन शुरू करने की भी घोषणा की।
आंदोलन का आगाज एक से
संगठन के रामपुर में संपन्न हुए ग्रीष्मकालीन शिविर में प्रदेश के हजारों शिक्षकों पर मंडरा रहे इस खतरे से निपटने के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।
डॉ. महेंद्रनाथ राय ने बताया कि 30 जून तक प्रदेश के हर जिले में शिक्षकों को एकजुट किया जाएगा।