एक ओर जहां रेल मंत्री ने रेल बजट पेश कर महिलाओं की सुरक्षा का दावा किया है। वहीं दूसरी ओर ट्रेन में तैनात सुरक्षाकर्मी महिलाओं की सुरक्षा करने की बजाय अपनी जिम्मेदारियों के विपरीत काम कर रहे हैं।
मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है। जहां ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए मौजूद सुरक्षाकर्मियों पर ही एक बुजुर्ग दंपत्ति को चलती ट्रेन से फेंकने का आरोप लगा है।
दरअसल सिचाई विभाग में तैनान राजेश्वर त्यागी अपनी पत्नी संतोष के साथ मुजफ्फरनगर से सहारनपुर जा रहे थे। उन्होंने एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट लिया था, लेकिन गलती से वे दिल्ली-देहरादून शताब्दी ट्रेन में चढ़ गए।
आरोप है कि ट्रेन में मौजूद रेलवे पुलिस के जवानों ने विरोध करते हुए दंपत्ति को ट्रेन से धक्का दे दिया, जिसके चलते त्यागी की पत्नी संतोष की ट्रेन से कटकर मौत हो गई और त्यागी घायल हो गए।
मुजफ्फरनगर रेलवे पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर माहिला के शव को पोस्मार्टम के लिए भिजवा दिया है। रेलवे के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है।
दंपत्ति को ट्रेन धक्का
देने के आरोपी एसआई राम चंद्रन और कांस्टेबल सुभाष के खिलाफ केस दर्ज किया
गया है।