एनसीआर में आतंक फैलाने वाले सुपारी किलर जोगेंद्र उर्फ जग्गू पहलवान की मंगलवार सुबह गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। स्विफ्ट डिजायर कार से आए पांच हमलावर स्वचालित हथियारों से लैस थे। मौके से 9 एमएम के पांच तथा तीन खोखे 7.65 एमएम के मिले हैं।
जग्गू के पिता राजा ने 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिनमें जावली निवासी सोनू उर्फ सुनील, पिंकी, भोला उर्फ राजबीर को नामजद किया है। बाकी हमलावर अज्ञात हैं। मंगलवार को जग्गू गाजियाबाद सीजेएम कोर्ट में एक मुकदमे की तारीख पर आने वाला था।
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह नौ बजे सोनू एडवोकेट और उसका साथी पिंकी जग्गू को सेंट्रो में बैठाकर ले गए थे। जग्गू के अन्य साथी दूसरी कार में पीछे चल रहे थे। रास्ते में स्विफ्ट कार जग्गू की गाड़ी के पीछे लग गई। टीला-भोपुरा मार्ग पर बीपीसीएल गैस प्लांट के सामने पहुंचते ही स्विफ्ट सवार हमलावरों ने जग्गू की कार पर गोलियां बरसा दीं।
जग्गू की कार चला रहे पिंकी ने कार को रांग साइड ले जाकर गैस प्लांट की दीवार के साथ बने नाले में फंसा दी। वह और सुनील कार से उतरकर भाग गए। हमलावरों ने कारबाइन से पिछली सीट पर बैठे जग्गू की कनपटी, छाती और पेट में एक दर्जन से अधिक गोलियां उतार दीं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पीछे से आ रहे जग्गू के साथियों ने उसे जीटीबी अस्पताल पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी प्रशांत कुमार एसपी देहात, सीओ बॉर्डर, लोनी और साहिबाबाद थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि जग्गू कुख्यात बदमाश था। प्रथम दृष्टया हत्या का कारण रंजिश प्रतीत होता है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।
जग्गू पर दर्ज थे 31 मुकदमे
निठोरा गांव निवासी जग्गू पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न थानों में हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी आदि के 31 मुकदमे दर्ज थे। उसने पिछले साल 2 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी के सामने 200 वारदातें करना कुबूल किया था। 16 नवंबर को वह मेरठ जेल से जमानत पर छूटकर आया था।