हंडिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अमृतलाल बिंद के समर्थन में दो केंद्रीय मंत्रियों ने हंडिया में जनसभा की लेकिन पार्टी प्रत्याशी की जमानत भी नहीं बचवा सके।
प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, जोनल अध्यक्ष दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने भी हंडिया का नियमित रूप से दौरा किया, जनसभाओं को संबोधित किया लेकिन हंडिया में पार्टी की प्रतिष्ठा नहीं बचाई जा सकी।
एक चुनाव में तमाम बड़े नेताओं के लगने के बावजूद प्रत्याशी को 2012 के विधानसभा चुनाव से भी कम वोट मिले।
2012 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र त्रिपाठी को 4809 वोट मिले थे लेकिन इस उपचुनाव में प्रत्याशी अमृतलाल बिंद को 2880 वोट ही मिले।
हालांकि पिछले चुनाव में भी कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी। इस बार जमानत बचाने केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद स्वयं हंडिया पहुंचे लेकिन जमानत नहीं बचवा सके।
बुधवार को एक तरफ केपी इंटर कॉलेज में मतगणना चल रही थी, वहीं दूसरी ओर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जोनल अध्यक्ष दिग्विजय सिंह और कोऑर्डिनेटर असलम कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव नतीजों की समीक्षा कर रहे थे।
वहां जब यह मुद्दा उठा तो हंडिया में रहने वाले पार्टी के तमाम नेताओं ने दूसरों के सिर ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया। कुछ नेताओं ने कहा कि अक्सर बाहरी लोगों को पार्टी में शामिल कर टिकट दे दिया जाता है। हंडिया में पार्टी की हार इसी का नतीजा है।
इस पर जोनल अध्यक्ष बोले कि टिकट का निर्धारण हाईकमान ने किया था। इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं। हमें अगले चुनाव में और मजबूती से लड़ना होगा।
उन्होंने बताया कि राहुल बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना चाहते हैं और इसके लिए अब पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं को ही तरजीह दी जाएगी।
बैठक में कुछ प्रस्तावित भी पारित किए गए। इस दौरान विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, शहर अध्यक्ष श्यामकृष्ण पांडेय, पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, पार्टी नेता किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी आदि मौजूद रहे।