उत्तर प्रदेश के मेरठ में नंगलामल में शुक्रवार शाम को हुए सांप्रदायिक संघर्ष के बाद शनिवार को भी तनाव बरकरार रहा। गांव में दिनभर सन्नाटा रहा। हर चौखट पर पुलिस और पीएएसी का पहरा था।
हालात के मद्देनजर पुलिस अफसरों ने सांप्रदायिक संघर्ष में मारे गए युवक और महिला का अंतिम संस्कार सुबह सात बजे ही करा दिया जबकि हिंदू संगठनों ने सुबह नौ बजे का समय तय किया था।
खबर लगते ही भाजपा और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता गांव पहुंच गए। समय से पहले अंतिम संस्कार पर अफसरों से नाराजगी जताई।
हिंदू संगठनों ने घटना के विरोध में रविवार को जिले के 14 स्थानों पर चक्काजाम करने का ऐलान करते हुए नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी की। इस बीच राज्यमंत्री ने पीड़ित परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की।
मुंडाली क्षेत्र के नंगलामल गांव में शुक्रवार को मंदिर में लाउड स्पीकर बजाने को लेकर सांप्रदायिक संघर्ष हो गया था। दोनों समुदाय के लोगों में मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई थी।
गोली लगने से गांव के ही सुनील की मौत हो गई थी जबकि संघर्ष के दौरान एक महिला सुमन की हार्टअटैक से मौत हो गई थी। इस संघर्ष में कई लोग घायल हो गए थे।
सूचना पर एसएसपी, डीएम घटनास्थल पर पहुंच गए थे और गांव में आरआरएफ, पीएसी समत कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई थी। राज्यमंत्री शाहिद मंजूर शनिवार को गांव पहुंचे और घटना पर दुख जताया।
उन्होंने प्रदेश सरकार से सुनील के परिजनों को पांच लाख और सुमन के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। शाहिद मंजूर ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते वे कोई आर्थिक मदद स्वीकार नहीं करेंगे।
मनचले ने छात्रा पर फेंका अंडा
देवबंद। मनचले की करतूत से नगर का माहौल एक बार फिर उस समय बिगड़ने से बच गया, जब हाईवे स्थित दुकान पर खड़े मनचले ने ट्यूशन पढ़ने जाती छात्रा के ऊपर अंडा फेंक दिया। आरोपी दूसरे समुदाय का होने के कारण लोगों ने हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी मनचले सहित दुकानदार को भी हिरासत में लेकर गुस्साए लोगों को शांत किया।