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‘रिश्वत की डायरी’ में एमपी के दो मंत्रियों के नाम

Sun, 28 Jul 2013 01:33 AM IST
भोपाल/ब्यूरो
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आयकर विभाग द्वारा बरामद खनिज उद्यमियों की डायरियों में मध्य प्रदेश के दो वरिष्ठ मंत्रियों के नाम आने के बाद प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार बचाव की मुद्रा में आ गई है।
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प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूरे मामले को कांग्रेस की साजिश बताया है। मिश्रा ने पूछा है कि आखिर सुबूत और डायरियां कहां हैं। उन्होंने कहा कि सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

दिल्ली में एक अखबार में खबर प्रकाशित हुई थी कि मध्य प्रदेश में खनन क्षेत्र के दो उद्यमियों दिलीप बिल्डकान के दिलीप सूर्यवंशी और एसआर समूह के सुधीर शर्मा के यहां छापों में बरामद डायरियों के आधार पर आयकर विभाग ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और लोकायुक्त को कार्रवाई करने के लिए कहा है। इसमें विभाग का दावा है कि इन डायरियों में दो मंत्रियों को रिश्वत देने संबंधी उल्लेख हैं।
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मध्य प्रदेश सरकार पूरे मामले को लेकर सकते में हैं। जिन दो मंत्रियों के नाम आए हैं, उनमें खनिज संसाधन मंत्री राजेंद्र शुक्ल और जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा शामिल हैं।

राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि आरोप में कोई सचाई नहीं है, जबकि लक्ष्मीकांत शर्मा मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। पार्टी अभी वेट एंड वाच की रणनीति पर चल रही है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि वह 2011 से ही यह मामला उठा रहे हैं। उन्होंने लोकायुक्त में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब आयकर विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि खनिज विभाग में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

दिलीप सूर्यवंशी और सुधीर शर्मा की आमदनी में मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से बहुत तेजी से इजाफा हुआ है। सूर्यवंशी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी करीबी माना जाता है।

प्रकाशित खबरों के अनुसार शर्मा के व्यावसायिक भागीदार जेएस वालिया के एक पत्र में माइनिंग लाइसेंस लेने के लिए तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की मदद लेने का आग्रह किया गया था।

आयकर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बरामद डायरी के पृष्ठ 24 पर की गई एंट्री में कहा गया है कि मंत्रियों और ओएसडी को देने के लिए 130 लाख रुपये की रकम की जरूरत है। इन्हीं एंट्रीज में मंत्री को 50 लाख, सेक्रेटरी को 20 लाख, ओएसडी को 10 लाख और अंडर सेक्रेटरी को 5 लाख रुपये देने का जिक्र है।
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