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हर घंटे बढ़ रहा यमुना का पानी कालेज बने राहत शिविर

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राजापुर के तिरहार क्षेत्र में यमुना नदी में ऊफान के बाद एक दर्जन गांव का संपर्क टूटा। इसके बाद भय? - फोटो : CHITRAKOOT
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मऊ/राजापुर(चित्रकूट)। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे बसे गांव बेलास, चिल्लीमल, चांदी, तीरधुमाई गंगू, धौरहरा, नैनी, गुरगौला, बिहरवां, बक्टा, देवारी, सुरवल, हस्ता, खोंपा, भदेहदू के ग्रामीण भयभीत है। पयस्वनी नदी किनारे का गांव अर्की तो टापू बन गया है। सरधुआ-अर्की संपर्क मार्ग में पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया है। प्रशासन गांवों में जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
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एसडीएम राजापुर राजीव कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार मिश्रा ने बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा कर व्यवस्थाएं देखीं। बताया कि अर्की गांव के लोगों को सरधुआ के इंटर कालेज में ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है। आवागमन के लिए चार नावों की व्यवस्था है। अन्य तिरहार क्षेत्र के गांवों में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों की गांव में ही रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। हर घंटे तहसील में बने कंट्रोल रूम में सूचना देंगे।
केंद्रीय जल आयोग राजापुर के साइड इंचार्ज सूर्यकांत साहू ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक यमुना नदी का जल स्तर 89.61 मीटर रहा है। जलस्तर पांच सेमी प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। खतरे के निशान 93.0 मीटर है।
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50 बीघा में बोई सब्जी नष्ट
मऊ। मऊ क्षेत्र में कई किसान यमुना नदी के तलहटी मेें सब्जी उगाते हैं। यमुना नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान मकसद, आत्मराम, कन्या, विजय, शंकर, राजू, सुग्रीव अधिया में किसानों की भूमि लेकर सब्जी उगाने का कार्य करते है। लगभग 50 बीघा खेत लेकर परवल, कैराना, बैगन मिर्चा, आदि लगाया था। इसी तरह से मऊ कस्बे के घनश्याम निषाद, कमल निषाद, लल्लू देवपाल की भी सब्जी नष्ट हुई है।

यमुना नदी में ऊफान के बाद मऊ के बरहा कोटरा के सब्जी के खेतों में भरा पानी से बर्बाद फसल दिखाता किस?- फोटो : CHITRAKOOT

पैस्वनी नदी में ऊफान के बाद राजापुर के अर्की का संपर्क टूटा तो प्रशासन ने नाव चलाकर राहत पहुंचान?- फोटो : CHITRAKOOT

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