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कोरोना की बंदिशें हटीं तो उमड़े श्रद्धालु

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चैत्र मास की अमावस्या पर मंदाकिनी में डुबकी लगाने के लिए उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। भले ही तापमान 43.5 डिग्री रहा हो पर दो साल बाद कोरोना की बंदिशें हटीं तो भीषण गर्मी में चैत्र माह की अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया और भगवान कामतानाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यूपी व एपमी के प्रशासनिक अधिकारी भी मुस्तैद रहे।
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दो वर्ष बाद इस बार कोरोना वायरस की कमी होने से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह चैत्र माह की अमावस्या में देखने को मिला। जो अपने वाहनों के अलावा ट्रेन व अन्य साधनों से चित्रकूट पहुंचे। शुक्रवार को तड़के रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इसके बाद भगवान कामतानाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाई।
धर्मनगरी क्षेत्र के तीर्थ स्थल सती अनुसुइया आश्रम, गुप्त गोदावरी, जानकीकुंड, भरतकूप आदि स्थानों के दर्शन कर पूजा पाठ किया। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ ही पुलिस के जवान तैनात रहे। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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परिक्रमा मार्ग पर पेयजल की किल्लत झेलनी पड़ी
कोरेाना की बंदिशे खत्म हुईं पर तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग पर पेयजल की किल्लत झेलनी पड़ी। लगातार दो दिनों से अमर उजाला में इस समस्या को प्रमुखता से उठाने का नतीजा चैत्र नवरात्र में यह देखने को मिला कि परिक्रमा मार्ग के चार प्रमुख स्थलों पर टैंकर से जलापूर्ति की गई। जिससे बाहर से आए तीर्थयात्रियों को आंशिक राहत रही। वाटर कूलर शोपीस बने रहने से ठंडा पानी नहीं मिला।
धूप में रहे परेशान, छांव का भी नहीं इंतजाम
चित्रकूट। चैत्र नवरात्र की अमावस्या पर यूपी एमपी चित्रकूट व सतना के डीएम-एसपी ने दो बार बैठकर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को सही तरीके से ड्यूटी करने की हिदायत दी थी। शुक्रवार को अमावस्या के दिन रेलवे स्टेशन, कर्वी बस स्टैंड और रामघाट के पास टेंपो स्टैंड के अगल-बगल की व्यवस्था धड़ाम रही।
ललितपुर से आए तीर्थयात्री जागेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि वह रामघाट से बस स्टैंड होता हुआ रेलवे स्टेशन आया। यहां समय से कोई अधिकारी नजर नहीं आया। जब अधिकारी आए तो अपने ही वाहन में बैठे रहे। भीड़ कम होने पर वाहन से उतरकर छांव में जाकर खडे़ हो गए। महोबा के चुन्नू लाल शर्मा ने बताया कि तीर्थयात्री धूप में परेशान रहे उनके लिए छांव का इंतजाम नहीं था। काफी देर तक वाहन न मिलने से तीर्थयात्री परेशान हुए।

चैत्र मास की अमावस्या पर भीषण गर्मी में दर्शन करने आए श्रद्घालुओं को कई जगह पानी की समस्या हुई तो ?- फोटो : CHITRAKOOT

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