चित्रकूट। धर्मनगरी में परिक्रमा मार्ग पर ठंडा पानी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए वाटर कूलर खराब पडे़ है। कई तो पूरी तरह से जंग लगने से कबाड़ी को देने लायक हो गए हैं। ऐसा सही तरीके से देखभाल न होने से हुआ है। इन दिनों जिले का तापमान 40 से 43 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में तीर्थक्षेत्र में आने वाले तीर्थयात्रियों को शीतल पेयजल मिलना दूभर हो गया है।
गर्मी के महीने में परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं को ठंड पानी उपलब्ध हो सके। इसके लिए समाजसेवियों के माध्यम से आधा दर्जन स्थानों पर वाटर कूलर लगाए गए थे, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को ठंडा पानी उपलब्ध हो सके। लगाए गए वाटर कूलर एक-दो साल चले इसके बाद खराब हो गए।
जिनकी देखभाल न होने से हालत यह हो गई कि वह चलाने लायक भी नहीं बचे। यहां तक की कई जंग लगने से कबाड़ी को देने लायक हो गए हैं, जबकि नगर पालिका सहित स्थानीय मंदिरों के ट्रस्ट के पदाधिकारी कहते रहे कि लगाए गए वाटर कूलरों की देखभाल की जाएगी ताकि यह खराब न हो सके पर देखभाल नहीं की गई।
देखभाल नहीं की गई तो हुए खराब
चित्रकूट। खोही निवासी दुकानदार अनिल तिवारी ने बताया कि वाटर कूलर सही स्थानों पर नहीं लगाए गए थे। न ही उनकी देखभाल के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई, बल्कि जिन स्थानों पर वाटर कूलर लगाए गए थे, वहां के क्षेत्रीय लोगों से देखभाल करने के लिए कहा गया था। उन्होंने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। बरहा मंदिर के पास रहने वाले गुड्डू नामदेव ने बताया कि वाटर कूलर से कुछ स्थानीय दुकानदार व आसपास रहने वाले ही पानी भरते रहते थे। जिससे श्रद्धालुओं को इसका पानी तक नहीं मिल पाता था।
वाटर कूलरों को सही कराया जा रहा है। फिलहाल परिक्रमा मार्ग पर पाइप लाइन से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अमावस्या मेला में टैंकरों के माध्यम से भी पानी की व्यवस्था की जाती है। -रामअचल कुरील, नगर पालिका ईओ चित्रकूट
अज्ञात कारणों से कुछ वाटर कूलर खराब हो गए हैं। इसकी मरम्मत कराई जा रही है, श्रद्धालुओं को ठंडा पानी उपलब्ध होगा। - ऋषि नारायण सिंह, तहसीलदार नयागांव (एमपी)