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घायल पहुंचे अस्पताल तो मची अफरातफरी

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फोटो- 17- हाईवे पर बोलेरो से टक्कर के बाद पलटी बस से बाहर निकलते तीर्थयात्री। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। बस और बोलेरो की भिड़ंत के बाद घायल जिला अस्पताल पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। सीएमओ और सीएमएस ने इलाज की कमान संभाली। वहीं, डीएम और एसपी भी व्यवस्था में लगे रहे।
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हाईवे पर बस और बोलेरो की भिड़ंत में चार की मौत और 20 घायल हो गए थे। एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डीएम और एसपी पहले से पहुंच गए थे। सीएमओ और सीएमएस भी आ गए और पूरी व्यवस्था अपने हाथ में ले ली। स्ट्रेचर से घायल को ले जाया गया।
अमावस्या मेला में आए तीर्थयात्रियों के घायल होने के बाद उनके परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए और रोना पीटना मच गया। मृतक सत्यनारायण की मां वृद्ध रानी देवी चुप होने का नाम नहीं ले रही थी। बार बार कहती रहीं कि अब उनका क्या काम इस दुनिया में। मृतक बोलेरो चालक अंतिम चौबे तीन भाइयों में छोटा था। वाहन चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। वह अविवाहित था। मां मीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बोलेरो लेकर कर्वी खरीदारी करने आ रहे थे। पप्पू मजदूरी कर जीवनयापन करता था। दो पुत्र, तीन पुत्रियां हैं। घायल पत्नी दहाड़े मारकर अस्पताल में रो रही थी। मृतक कंडक्टर सत्य नारायण बस में यात्रियों के टिकट काटने का कार्य करता था। दो पुत्र, दो पुत्री हैं। पत्नी सुमित्रा व मां के आंसू नहीं थम रहे। खलासी अजय की एक वर्ष पूर्व शादी हुई थी। पति की मौत के बाद पत्नी विद्या रो-रोकर बेहाल है। सोमवती अमावस्या पर चित्रकूट दर्शन कर घर जा रहे थे।
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मेला में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के नाम पर की जाती खानापूर्ति
चित्रकूट। अमावस्या मेला की व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट व सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाएं जाते हैं। इसके अलावा जिले के सभी थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिस अधिकारी तैनात रहते हैं। इसके बाद भी सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस बार भी ऐसा भी हुआ। जिला मुख्यालय के पास ही इतनी बड़ी दुर्घटना हो गई। जबकि एक दिन पहले जिले के अधिकारी दावा कर रहे थे कि मेला को सकु शल संपन्न करने के लिए पहले से ही सारी व्यवस्था कर ली गई है।
अमावस्या मेला में डग्गामार वाहनों की भरमार
चित्रकूट। अमावस्या मेला में चलने वाले डग्गामार वाहनों के कारण ही सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इस बार भी अमावस्या मेला में डग्गामार वाहनों की भरमार रही। भूसे की तरह सवारियां भरकर वाहन चलाते रहे। जिसमें प्राइवेट बसे भी शामिल रहीं। जल्दी नंबर लगाने के कारण वाहन भी तेज चलते हैं। इसी के चलते हादसे होते हैं।
ब्लैक स्पॉट : अक्सर होते यहां पर हादसे
चित्रकूट। अमावस्या मेला में रेहुटिया के पास जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई है। उस स्थान पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस लिए इसे कुछ लोग ब्लैक स्पॉट भी करते हैं। इस स्थान के पास रेलवे लाइन है, जिसमें ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कई साल से रुका हुआ है। रेलव फाटक बंद होने से जाम की भी स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा इस स्थान पर राष्ट्रीय राजमार्ग घुमावदार बना हुआ है। जिससे वाहन चालक कुछ समझ नहीं पाते। इससे इस स्थान पर घटनाएं होती रहती हैं। तीन महीने पहले भी अमावस्या मेला में भी दो डग्गामार वाहनों की टक्कर से दो की मौत हो गई थी। इसी तरह से कई बार बाइकों के आमने सामने टकराने से मौतें हुई हैं।
ये हुए घायल
बोलेरो में सवार नीबी गांव के आनंद सिंह, बस में सवार रेहुंटिया की बच्चा पत्नी पप्पू, रामनगर के कालीचरण, कटैया डांडी की अंशुल पुत्री रामसजीवन, खपटिहा के देवराज, भदावल गांव की रामबाई पत्नी रामखेलावन, वेलास की बच्ची पत्नी सुदर्शन, ऐरानमाफी की कुसुमा देवी पत्नी बिहारीलाल, झूंसी प्रयागराज की प्रीती वर्मा पत्नी रवि कुमार, रवि वर्मा, अल्लापुर की मधुलता वर्मा पत्नी चंद्रभान, अतर्रा के बसरेही की रमकलिया पत्नी बद्री, ओरन की शिवकलिया पत्नी रामदास, गोलतालाब कर्वी की चन्द्रकलिया पत्नी कामता प्रसाद को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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