मऊ/राजापुर(चित्रकूट)। यमुना व पयस्वनी नदी का पानी उतरने लगा है। लेकिन मऊ व राजापुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या अभी भी बरकरार है। दर्जनों सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। आवागमन अभी भी बाधित है।
बुधवार को बाढ़ का पानी उतरने से मऊ क्षेत्र के निवासी मवई कला, राजापुर क्षेत्र के सरधुआ, अर्की, बिलास, चांदी, तीरधुमाई, गंगू, धौरहा, नैनी, गुरगौला, बिहरवा, बक्टा, देवारी, सुरवल, हस्ता, भदेदू, आदि गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। राजापुर क्षेत्र के राजापुर कमासिन मार्ग में जलभराव होने से लोग नाव के सहारे ही आते जाते रहे।
मऊ क्षेत्र में भी मऊ-मडौर रास्ते में पानी भरा होने से वाहनों का आवागमन बंद है। नाव के सहारे ही ग्रामीण आते जाते है। मऊ क्षेत्र के कई गांव के निवासी नदी किनारे जहां तक बाढ़ है उससे सटी बस्ती में खुले आसमां के नीचे डेरा जमाए हैं। इन ग्रामीणों में कई ने कहा कि सभी अपने बचे राशन सामग्री से ही भोजन बनाकर खा रहे हैं प्रशासन की ओर से कोई भोजन का इंतजाम नहीं किया गया है। इस संबंध में मऊ एसडीएम नवदीप शुक्ला ने बताया कि जहां सूचना मिलती है वहां जरूरत के हिसाब से भोजन व अन्य राहत पहुंचाने का काम जारी है।
बीमारी फैलने की आशंका
मऊ/राजापुर। बाढ़ का पानी उतरने के बाद गांवों व रास्तों में कीचड़ भर होने व गंदगी होने से बीमारी फैलने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है। राजापुर क्षेत्र के सरधुआ, अर्की, बिलास आदि गांव के रास्तों व गांवों के पास कीचड़ व जल भराव है। यही हाल मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव सहित मऊ के रास्ते में कीचड़ व गंदगी है। यहां के निवासी सुरेश, मनोज ललित आदि का कहना कि यदि समय से सफाई नहीं की गई तो बीमारी फैल सकती है। (संवाद)
Water of Yamuna and Payaswani decreased, problem persists- फोटो : CHITRAKOOT