फोटो- 5- जननी सुरक्षा योजना में जच्चा बच्चा वार्ड का निरीक्षण कर बाहर आतीं नीति आयोग की केंद्रीय प्
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चित्रकूट। जिला अस्पताल में प्रसूता रोशनी की मौत मामले की जानकारी लेने नीति आयोग की केंद्रीय प्रभारी लीना जौहरी गुरुवार को जिला अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने सीएमओ व सीएमएस को ऐसी घटनाएं रोकने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए शासन से बातचीत का आश्वासन दिया।
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पोषण केंद्र में बच्चों व उनके अभिभावकों से बातचीत की। सीएमओ से कहा कि कुपोषित बच्चों का सही तरीके से इलाज हो यह सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। जच्चा बच्चा वार्ड में प्रसूताओं व उनके परिजनों से बात की। कहा कि प्रसूताओं व नवजात की मौतों पर रोक लगाने के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टाफ ही काम करें। इसी बीच सीएमओ डा. भूपेश द्विवेदी व सीएमएस डॉ. राजेश खरे ने महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बताई और कहा कि शासन से पत्राचार भी किया गया है। जिस पर उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिले में प्रशिक्षित डॉक्टर ही होने चाहिए इस संबंध में वह शासन स्तर पर बातचीत करेंगीं। इस मौके पर डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला व सीडीओ अमित आसेरी आदि अधिकारी व डॉक्टर मौजूद रहे।
जांच टीम ने दो कर्मचारियों के लिए बयान
15 अप्रैल को प्रसूता की मौत मामले में गठित जांच टीम ने दो अन्य कर्मचारियों से बयान लिए। उधर, जच्चा बच्चा वार्ड में बृहस्पतिवार को सिर्फ दो गर्भवती भर्ती हुईं। दो गर्भवती को रेफर किया गया है। मानिकपुर सीएचसी से दो गर्भवती रेफर होकर जिला अस्पताल पहुंचीं लेकिन जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से उन्हें प्रयागराज या बांदा जाने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञ होने के बाद भी रेफर
मानिकपुर सीएचसी में प्रसूति रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर की तैनाती है। इसके बाद भी बृहस्पतिवार को दो गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया। सुबह जिला अस्पताल जब यह गर्भवती पहुंची तो ड्यूटी मेें मौजूद डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने सीएमएस को जानकारी दी। बातचीत के बाद सीजर की संभावना वाली गर्भवती को रेफर कर दिया गया।
हो रही व्यवस्था लिखा पत्र
चित्रकूट। सीएमओ डा. भूपेश द्विवेदी व सीएमएस डा. राजेश खरे ने बताया कि जिला अस्पताल में महिला विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती के लिए एडी स्वास्थ्य को पत्र लिखा गया है। बृहस्पतिवार को डीजी स्वास्थ्य लखनऊ को भी पूरे मामले की जानकारी देकर विशेषज्ञ डाक्टरों की मांग की गई है।