चित्रकूट। धान खरीद केंद्रों के मानक किसानों के लिए मुसीबत बन गए। केंद्रों पर 50 क्विंटल से अधिक धान न खरीदने पर केंद्र प्रभारी से कहासुनी हुई। किसानों ने पंजीकरण के बाद भी आने का समय न दिए जाने पर नाराजगी दिखाई।
जिले में धान खरीदने के लिए सात केंद्र बनाए गए है। एक-एक केंद्र में पांच पांच सौ से अधिक किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण करा लिया है। सोमवार को शहर के गल्ला मंडी स्थित विपणन शाखा के धान खरीद केंद्र में कई किसान धान बेचने के लिए पहुंचे। इस केंद्र में 15 नवंबर तक कुल 709 किसानों ने पंजीकरण कराया है। जिसमें कई किसान 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने के लिए सोमवार को आए। सपहा के किसान रामनारायण, अजय, कसहाई के किसान महेश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण में सौ क्विंटल से अधिक धान बेचने का पंजीकरण किया है। जब कि मात्र 50 क्विंटल ही धान लिया जाता है।
शहर के गल्लामंडी स्थित विपणन शाखा के कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि नियमों के आधार ही धान खरीदी जा रही है। जिसने पहले नंबर लगाया है उसकी पहले धान खरीदा जा रहा है।
धान नमी की जांच की जाती
चित्रकूट। धान बेचने वाले किसानों की धान की नमी की जांच करने के लिए नमी मापक यंत्र धान खरीद केंद्रों में लगाए गए हैं। जिसमें धान लाने वाले किसानों की धान की जांच की जाती है। 17 प्रतिशत नमी होने पर धान नहीं ली जाती है।