यूपी क्षेत्र के चित्रकूट रामघाट की तर्ज पर अब एमपी क्षेत्र के राघव घाट पर मंदाकिनी आरती की शुरुआत की गई। रंग बिरंगी लाइट की सजावट और घाट किनारे पीतल के सजे थालों पर जब संगीतमय आरती शुरू हुई तो पूरा माहौल भक्तिमय बन गया।
कार्यक्रम में पहले आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत को आकर शुरुआत करनी थी, लेकिन संघ की बैठक चलने के कारण वह शामिल नहीं हो सके। उनके स्थान पर संघ के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी मदनदास देवी आरती में शामिल हुए।
रविवार को राघव घाट के आचार्य आश्रम के सहयोग से पांच पंडितों की मौजूदगी में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी व दीनदयाल शोध संस्थान के संरक्षक मदनदास देवी ने मंदाकिनी आरती की शुरुआत कराई।
इस दौरान आचार्य आश्रम के महंत बद्री प्रपन्नाचार्य व सतना सांसद गणेश सिंह ने भी आरती कर सहभागिता की। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों की संख्या ज्यादा होनी चाहिए।
इन कामों में भी ईमानदारी की जरूरत होती है। भगवान का नाम व काम सच्चे मन व ईमानदारी से करने से ही पुण्य होता है। बातचीत के दौरान आरोग्यधाम परिसर में चल रही संघ के राष्ट्रीय चिंतन बैठक के मसौदों पर कुछ भी बताने से इनकार किया।
कहा कि हर बार की बैठक में संघ के कामों की समीक्षा और आगे होने वाले कामों पर चर्चा होती है। सांसद ने बताया कि मां मंदाकिनी की आरती कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू कराया जा रहा है। आरती का आयोजन आचार्य आश्रम चित्रकूट के सहयोग से होगा।
नगर पंचायत भवन के पास बड़े हनुमान मंदिर परिसर पर होगा। इस मौके पर पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीएम सतना अजय कटेसारिया, एसपी धर्मवीर सिंह, नगर पंचायत अधिकारी कृष्णापाल सिंह व नया गांव टीआई संतोष तिवारी आदि मौजूद रहे।
संघ प्रमुख को लिखा पत्र
मप्र के चित्रकूट विधानसभा के कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखा] जिसमें कहा कि चित्रकूट के विकास के लिए वह उनसे मुलाकात कर चर्चा करना चाहते हैं। पत्र में विधायक ने लिखा कि जिसके लिए उनको मिलने के लिए समय दिया जाए। इस संबंध में संघ की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
देर रात तक चला ऑनलाइन संबोधन
आरएसएस की रविवार को संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत के साथ प्रांत प्रचारकों और सह प्रांत प्रचारकों की बैठक रात साढ़े आठ बजे तक चली। इस दौरान संघ प्रमुख ने ऑनलाइन सह प्रांत प्रचारकों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। संघ के कामों का फीडबैक लिया। बताया गया कि कुछ सह प्रांत प्रचारकों के काम की सराहना की गई वहीं कई को फटकार भी लगाई गई है।