घटना के बाद गमगीन बैठीं मृतक की बहनें। संवाद
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चित्रकूट। रेलवे स्टेशन के सामने रहने वाले रिक्शा चालक ने बीमारी से परेशान होकर फांसी लगा ली। वह लावारिस शवों को ढोने का भी काम करता था। स्टेशन के स्टाफ व जीआरपी के सिपाहियों ने मिलकर परिजनों की मौजूदगी में उसके शव का अंतिम संस्कार कराया।
पुरानी बाजार का बब्बू (50) रेलवे स्टेशन परिसर में रहकर गुजर बसर करता था। कई माह से क्षय रोग से पीड़ित होने के चलते लीवर और गुर्दे खराब हो गए थे। गुरुवार को बीमारी से तंग आकर बब्बू ने रेलवे परिसर में ही गमछे के सहारे फांसी लगी ली। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद बहनो ने बताया कि माता-पिता की मौत हो चुकी है।
जीआरपी के कांस्टेबिल सनी व हासिम अली के मुताबिक बब्बू लावारिश शवों को पोस्टमार्टम तक पहुंचाने का काम करता था। स्टेशन प्रबंधक आरसी यादव व जीआरपी प्रभारी चंद्रभूषण यादव ने बताया कि बब्बू लावारिस शवों को उठवाने में काफी मदद करता था। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कराया गया।