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Chitrakoot News: पुलिस ने पार कर दी बर्बरता की हदें

Mon, 24 Jun 2024 10:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जब उनसे संबंधित अपराधों में कार्रवाई की बात आती है तो पीछे हट जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो आहत छात्रा ने खुदकुशी कर ली।
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मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में छेड़छाड़ से तंग हाईस्कूल छात्रा की खुदकुशी की जानकारी देने जब उसके माता-पिता थाने जाते हैं तो पुलिस आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बजाय उनकी पिटाई कर मोबाइल तोड़ देती है। आरोप तो ये भी हैं कि उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया। इस मामले को सपा सांसद कृष्णा पटेल और सपा विधायक अनिल प्रधान ने अफसोसजनक बताया है। कहा कि यह मित्र पुलिस की बर्बरता है। सरकार इन पर अंकुश नहीं लगा रही है।
सपा सांसद कृष्णा पटेल ने फोन पर कहा कि मामले की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी जाएगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जिम्मेदारों से बातचीत करेंगी। एसपी से भी दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कहेंगी। कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बेटियों व महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है।
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सपा विधायक अनिल प्रधान ने पीड़ित माता-पिता से मुलाकात की। उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन देकर प्रदेश सरकार व पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। कहा कि यह कैसी पुलिस मित्र है कि कोई पीड़ित शिकायत करने थाने जाए तो उसे ही पीटा जाए, यह अन्याय है। दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उधर, अपना दल के मऊ विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि इस मामले की पूरी जानकारी नहीं मिली है। वह लखनऊ में हैं। छात्रा की मौत दुखदाई है। इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। लौटकर पूरे मामले की पूछताछ करेंगे।
फरवरी और मार्च में की थी शिकायत
छात्रा के माता-पिता ने बताया कि गांव के दो भाई अक्सर उसकी बेटी को कॉलेज आते-जाते छेड़ते थे। फरवरी और मार्च में इसकी शिकायत थाने में की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रविवार की शाम बेटी ने घर में खुदकुशी कर ली तो रात में ही घटना की जानकारी देने थाने पहुंचे। आरोप लगाया कि थाने में मौजूद दरोगा और सिपाहियों से आरोपी मुन्नी व रंगीलाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो उन्हें बेरहमी से पीटा गया।
इस मामले में थाना प्रभारी अजीत पांडेय का कहना है महिला को वीडियो बनाने से रोका था। उसका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट किया गया था। किसी तरह की मारपीट नहीं हुई है। उधर, छात्रा की मां का कहना है कि वह वीडियो नहीं बना रही थी। पुलिसकर्मी उससे कागज और मोबाइल छीन रहे थे तो मोबाइल का बटन दबने से वीडियो चालू हो गया था। उसे बंद कर दिया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल पटक दिया और कागज फाड़ दिए।
सीसीटीवी फुटेज की जांच के निर्देश
इस मामले में अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी का कहना है कि नियम सबके लिए बराबर हैं। किशोरी के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि होने पर धारा बढ़ाई जाएगी। उसके माता-पिता के साथ मारपीट की जानकारी के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे। पुलिसकर्मियों से भी पूछछात की जाएगी।यदि पुलिसकर्मी दोषी मिले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि इस मामले में एक नामजद आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। दूसरे को जल्द पकड़ा जाएगा। सीओ निष्ठा उपाध्याय ने कहा कि मामले की जांच मऊ सीओ करेंगे। संवाद

थानाध्यक्ष बोले- छात्रा का आरोपी से था प्रेमप्रसंग
इस मामले में मऊ थाना प्रभारी अजीत पांडेय का कहना है कि छात्रा के साथ एक आरोपी से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसके चलते माता-पिता ने डांटा था। इसी से आहत होकर छात्रा ने खुदकुशी की है।
बताया कि गांव का रंगीलाल छात्रा के साथ एक ही स्कूल में पढ़ता था। बताया कि छात्रा का रंगीलाल के साथ प्रेम प्रसंग था। इसकी जानकारी दोनों के माता-पिता को थी। फरवरी में दोनों के माता-पिता थाने आए थे। थाने में समझौता कराया गया था। पिता ने रंगीलाल को बाहर भेज दिया था। कुछ दिन पहले ही वह गांव आया था। संवाद
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