Patient wandering for ambulance, attendant
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चित्रकूट। एंबुलेंस चालक व सहयोगी कर्मियों ने ठेका प्रथा बंद करने आदि मांगो को लेकर दूसरे दिन पूरी तरह एंबुलेंस सेवा ठप रही। जिससे मरीजों व उनके तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट एंबुलेंस से जाना पड़ा। लगातार दूसरे दिन एंबुलेंस का चक्का जाम होने के बाद देर शाम को जिले के कई अधिकारी कर्मचारियों के पास बातचीत करने पहुंचे।
जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने प्रदेश आवाहन पर मंगलवार को जिलाध्यक्ष संजय गुर्जर की अगुवाई में दूसरे दिन एंबुलेंस कर्मचारी देवांगना घाटी में सभी एंबुलेंसों को खड़ा कर विरोध प्रदर्शन किया। इधर अस्पतालों में पहुंचने के लिए मरीज व प्रसूताएं परेशान रहीं। परिजन किसी तरह धन खर्च कर अस्पताल तक पहुंचे। एंबुलेंस कर्मचारियों की मांग है कि कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर स्थानांतरित न किया जाए। अनुभवी कर्मचारियों को ही रखा जाए।
इस मौके पर राजेन्द्र कुमार, अमित कुमार, अवनीश पटेल, अनिरुद्ध सिंह, रामजीवन, नवीन आदि एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे। उधर, एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संजय गुर्जर ने बताया कि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाकर हड़ताल खत्म कराने का प्रयास किया है लेकिन उन्होंने कहा है कि जो प्रदेश स्तर से फैसला होगा वही माना जाएगा। यह भी कहा कि प्रशासन यदि उनके वाहन ले जाना चाहता है तो ले जा सकता है।
फोटो-6- एंबुलेंस की हड़ताल के चलते जिला अस्पताल में रेफर मरीज के परिजन एंबुलेंस की तलाश में जुटे रह- फोटो : CHITRAKOOT