Panchayats will become self-supporting only after reaching the last person
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चित्रकूट। नवचयनित पंचायत सहायक एवं अकाउंटेंट कम डाटा इंट्री ऑपरेटर का मंडलस्तरीय प्रशिक्षण दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के उद्यमिता विद्यापीठ में दिया जा रहा है। संस्थान के प्रधान सचिव अतुल जैन ने कहा कि विश्व के 193 देशों ने एक साथ मिलकर 17 लक्ष्यों को प्राप्त करके दुनिया को 2030 तक टिकाऊ और बेहतर बनाने का वादा किया है।
इसमें 16 लक्ष्यों को पूर्ण करने में पंचायतों की भूमिका अहम है। कहा कि समग्र विकास के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है, तभी पूर्ण रूप से हमारी पंचायतें स्वावलंबी बनेंगी। प्रशिक्षण के चतुर्थ बैच का शुभारंभ मंडल उपनिदेशक पंचायत चित्रकूटधाम मंडल दिनेश सिंह ने किया।
प्रशिक्षण में बांदा के विकासखंड तिंदवारी के नव चयनित पंचायत सहायक अकाउंटेंट कम डाटा इंट्री ऑपरेटर मौजूद रहे। अपर जिला पंचायत राज अधिकारी बांदा रमेश गुप्ता व विकास भवन बांदा की कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रीता सिंह भी मौजूद रहंीं।
मंडल उपनिदेशक ने प्रशिक्षण का उद्देश्य एवं इसकी जरूरत व इसकी उपयोगिता की जानकारी दी। जिला पंचायत रिसोर्ट सेंटर चित्रकूट व महोबा के सुजीत कुमार सोनी व प्राची गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में पहली बार ग्राम पंचायतों के कार्यालय स्थापित कर उन्हें व्यवस्थित रूप से चलाने का विभाग द्वारा ठोस प्रयास किया गया है।