चित्रकूट। शहर के गल्ला मंडी परिसर में रविवार की दोपहर को अचानक पल्लेदारों ने तौल बंद कर हड़ताल कर दी। जिससे व्यापारियों व किसानों का अनाज तौलने से रह गया। पल्लेदारों ने मजदूरी बढ़ाए जाने की मांग की है। वहीं, गल्ला व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि समझौते के बाद पल्लेदारों ने बेवजह ही हड़ताल की है।
शहर के गल्ला मंडी परिसर में प्रतिदिन की तरह किसानों का अनाज व्यापारियों की दुकान में तौला जा रहा था। दोपहर को पल्लेदारों ने अचानक कार्य बहिष्कार कर तौल बीच में ही छोड़ दी। इसके बाद टीन शेड के नीचे बैठकर योजना बनाई। पल्लेदार संघ के अध्यक्ष रामगोपाल ने कहा कि मजदूरी बढ़ाए जाने की मांग पूरी होने तक हड़ताल रहेगी। इसी बीच पल्लेदार संघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने गल्ला व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से बीत की। लगभग एक घंटे तक चली बातचीत के बाद कोई समझौता नहीं हुआ है। रविवार की देर शाम तक काम बंद रहा।
गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल व महामंत्री गुलाब गुप्ता ने कहा कि पल्लेदारों के साथ शुक्रवार को बैठक हुई थी। पल्लेदारों ने मांग रखी थी कि अनाज के ढाला करने में दस रुपये की जगह 12 रुपये व लदान उतार के चार रुपये प्रतिबोरे की जगह पांच रुपये प्रतिबोरे की मजदूरी लेंगे। इस पर लिखित समझौता हुआ था कि ढाला का दाम बढ़ा दिया गया है लेकिन लदान उतार प्रति बोरे वाली मांग पर बाद में विचार होगा। पल्लेदार अपने ही समझौते से मुकर गए हैं। इस समझौते पत्र में अध्यक्ष रामगोपाल व कल्लू समेत दस पल्लेदारों के हस्ताक्षर हैं। फिलहाल तौल बंद होने से किसानों को परेशानी हुई है।