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न सामूहिक दुष्कर्म हुआ और न आरोपियों को पहचाना

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पहाड़ी (चित्रकूट)। सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला ने अपने बयान में दुष्कर्म होने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं उसने मेडिकल भी नहीं कराया। पुलिस ने चारों आरोपियों के अलावा 15 अन्य लोगों के सामने आरोपियों को पहचानने के लिए कहा तो उसने किसी को भी पहचानने से इनकार कर दिया। बताया कि गांव के झाड़फूंक कराने वाले ओझा के बहकावे में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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गौरतलब है कि पड़ोसी जिले कौशांबी की एक महिला ने मंगलवार को पहाड़ी थाने में फतेहपुर के चार लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच में पुलिस के सामने बुधवार को पूरी सच्चाई सामने आ गई। थाना प्रभारी अजीत पांडेय ने बताया कि मेडिकल के लिए महिला को बुलाया तो उसने दुष्कर्म की घटना से इंकार कर परीक्षण कराने से इंकार कर दिया।
इस पर उसे थाने लाया गया। चारों आरोपियों के अलावा 15 अन्य लोगों के सामने उसे लाकर मुख्य आरोपी को पहचानने के लिए कहा तो उसने कहा कि वह किसी को नहीं पहचानती।
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इसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए तो महिला ने कहा कि उसके साथ दुष्कर्म ही नहीं हुआ। गांव के एक ओझा के बहकावे में आकर आरोपियों को फंसाने के लिए यह कुचक्र रचा गया था।
थाना प्रभारी ने बताया कि गांव से आए करीब एक सौ लोगों ने बताया कि उनके गांव का राजू निषाद झाड़फूंक का कार्य करता है। एक वर्ष पहले गांव के ही कथित आरोपी की नाबालिग बहन को ले गया था, जिसका मुकदमा थाना धाता जिला फतेहपुर में दर्ज है।
इसी मामले में दबाव बनाने के लिए राजू ने कौशांबी की महिला को मोहरा बनाकर पहाड़ी में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस का कहना है कि झूठे आरोप लगाने वाली महिला और साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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