चित्रकूट। धर्मनगरी में 40 डिग्री तापमान के बीच कामता नाथ जी की परिक्रमा करना अब आसान नहीं रहा। यहां श्रद्धालुओं के लिए सरकारी इंतजामों के तहत पानी तक उपलब्ध नहीं है। प्यास लगने पर बोतल बंद पानी खरीदना ही एकमात्र विकल्प है। परिक्रमा मार्ग पर न तो कहीं हैंडपंप दिखते हैं और न ही प्याऊ। बताते हैं कि बोतल बंद ठंडे पानी के कारोबार को बढ़ाने के लिए गर्मी चढ़ते ही दानदाताओं की ओर से दिए गए वाटर कूलर खराब कर दिए गए हैं।
मौसम कोई भी हो, यहां रोजाना यूपी और एमपी के हजारों लोग कामता नाथ जी के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा करते हैं। पांच किलोमीटर लंबे इस परिक्रमा मार्ग पर दस्तावेजों में प्रशासन ने पानी के भरपूर इंतजाम कर रखे हैं। मगर हकीकत इससे एकदम उलट है। इस मार्ग पर बनाई गईं सीमेंटेड पानी की टंकियां खराब हो चुकी हैं। कई की टोटियां टूट चुकी हैं तो कई के प्लास्टर उखड़ गए हैं।
इन टंकियों के आसपास कूड़ा जमा रहता है। ये पानी भरने लायक नहीं हैं। इसी तरह से परिक्रमा मार्ग में समाज सेवियों की मदद से लगाए गए छह वाटर कूलर भी रखरखाव के अभाव में खराब हो गए हैं। बताते हैं कि पानी का कारोबार करने वाले इस मार्ग पर मुफ्त पानी के इंतजाम कभी अधिक दिन तक टिकने नहीं देते।
पूरे मार्ग पर सिर्फ तीन हैंडपंप हैं, जिनमें से दो खराब हैं। सदर एसडीएम पूजा यादव ने कहा कि वैसे जानकारी यही है कि परिक्रमा मार्ग में यूपी क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं है। इस संबध में नगर पालिका व जल संस्थान के अधिकारियों से जानकारी की जाएगी।
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान आरके मिश्र ने कहा कि टंकियों में खराबी की जानकारी है। इनके निर्माण और मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाएगा। धर्मनगरी क्षेत्र सभासद बुद्ध विलास सिंह ने कहा कि परिक्रमा मार्ग पर पेयजल की समस्या दूर करने के लिए कई बार योजना बनाई गई। मगर यह कभी परवान नहीं चढ़ी। यहां पेयजल की समस्या लगातार बनी हुई है।
नगर पालिका ईओ रामअचल कुरील ने बताया कि परिक्रमा मार्ग पर शीतल पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाया गया है। रामघाट पर भी इसका इंतजाम है। परिक्रमा मार्ग की कुछ टंकियों में एकाध दिन पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर यह खाली हो जाती है। वैसे पेयजल की ज्यादा समस्या नहीं है।
कामदगिरी परिक्रमा मार्ग पर गंदी व खाली पड़ी पानी की टंकी। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT