चित्रकूट। कोेरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इम्तियाज अहमद ने कहा कि यह कोई जरूरी नहीं कि कोविड पॉजिटिव गर्भवती के शिशु को भी कोविड होगा। खासकर जब तक वह पेट में ह, तब वह ज्यादा सुरक्षित है। प्रसव के बाद प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर कोविड होने की पूरी आशंका रहती है।
बृहस्पतिवार को उन्होंने सीएमओ कार्यालय में बताया कि कोविड संक्रमण आजकल बहुत तेजी बढ़ रहा है। यदि महिला गर्भवती है और कोविड पॉजिटिव है या रह चुकी तो कोविड को लेकर कतई न घबराएं। कोविड जैसी संक्रामक बीमारी से बचने के लिए बस जागरूक, सचेत और सतर्क रहें। सदैव अपने चिकित्सक के संपर्क में रहें और उनके सुझावों का पालन करें। गर्भवती महिलाएं अनावश्यक अस्पताल में न आएं।
कोशिश करें चिकित्सक से ऑनलाइन परामर्श लें। गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य के मुकाबले कम होती है। इसलिए गर्भवती महिलाएं अपने व बच्चे के भविष्य के लिए साफ.-सफाई पर खास ध्यान दें। कुछ भी छूने के बाद 40 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं और मास्क लगाए रखें। अपर सीएमओ ने बताया कि यदि मां कोविड पॉजिटिव हो जाती है तब भी उसको स्तनपान कराना है।
बस साफ.-सफाई का ध्यान देते हुए मास्क लगाकर ही स्तनपान कराना है। यह भी ध्यान रखें कि बच्चे के ऊपर किसी प्रकार की छींक या खांसी की ड्रापलेट न जाए। उधर, एम सीएच विंग खोह में कोविड अस्पताल संचालित हैं। साथ ही सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करें। कोविड पॉजिटिव महिलाओं को प्रसव के लिए कोविड अस्पताल ले जाने की व्यवस्था है।
क्या करें, जिससे फायदा हो
नियमित कोविड प्रोटोकाल अपनाएं, आंगन या अकेले रोज धूप में बैठें , बाजार का पका हुआ आहार न लें, बाहर से आया समान सैनिटाइज करें, बाहर से लाए सामानों को तीन दिन बाद ही उपयोग में लाएं व अति आवश्यक स्थिति में ही घर से बाहर निकलें, यही आपके लिए उचित है।