चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विदुषी मेहा ने बताया कि बुधवार को जिला कारागार का वर्चुअल निरीक्षण किया गया। सचिव द्वारा जेल अधिकारियों को समयपूर्व रिहा किए जा सकने वाले दोषसिद्ध बंदियों की सूची भी तैयार करने के निर्देश दिए।
जेलर पीयूष पांडेय ने बताया कि वर्तमान में कुल 697 बंदी निरुद्ध है, जिसमें 635 पुरुष, 34 महिलाएं तथा 28 बंदी 18 से 21 वर्ष के हैं। अब तक कुल 104 विचाराधीन बंदी अंतरिम जमानत पर एवं 22 बंदी परोल पर छूटे हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने कहा कि बंदियों की उचित देखभाल की जाए। उन्होंने पुरुष बंदी शैलेंद्र कुमार व उमेश तथा महिला बंदी मुन्नी व कमला से बातचीत की। मुन्नी ने बताया कि बच्चे को दूध, फल, बिस्कुट आदि प्रतिदिन दिया जाता है। उन्होंने जेलर को आवश्यक निर्देश दिए कि जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लिनिक पर विशेष रूप से ध्यान दे ताकि जेल में निरुद्ध बंदियों को समय से समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके। निरीक्षण के दौरान 36 बंदी उपस्थित रहे। उन्हें नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए पैनल अधिवक्ता उपलब्ध कराये जाने के बाबत जानकारी दी गई।