फोटो 11 सीकेटीपी 15 संगोष्ठी में बोलते वक्ता व मंचासीन अतिथि। स्रोत: आयोजक
- फोटो : मिट्टी के ढेर से टकराने के बाद हाईवे पर खड़ा ट्रक। स्रोत पुलिस
चित्रकूट। भारतरत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर रविवार को महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में मनाई गई। इस अवसर पर महाकौशल प्रांत के प्रांत कार्यवाह उत्तम बनर्जी और कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने नानाजी देशमुख परिसर का लोकार्पण किया। साथ ही नानाजी पीठ और नानाजी विचार मंच की गतिविधियों का शुभारंभ हुआ।
किसान भवन में नानाजी देशमुख: ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की यात्रा विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता उत्तम बनर्जी ने कहा कि नानाजी का व्यक्तित्व ऐसा था कि उनके संपर्क में आते ही व्यक्ति गांव से जुड़ जाता था। चित्रकूट उनकी प्रयोगभूमि है और ग्रामोदय विश्वविद्यालय उसकी प्रयोगशाला। उन्होंने चित्रकूट के 50 किमी दायरे में समाज शिल्पी दंपतियों के कार्यों को ग्राम विकास का जीवंत मॉडल बताया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. आईपी त्रिपाठी ने कहा कि नानाजी के विचार आज भी उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास के लिए प्रासंगिक हैं। प्रो. कपिल देव मिश्रा, पीठ निदेशक प्रो. भरत मिश्रा ने भी विचार रखे। इस दौरान प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और एक पेड़ नानाजी के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया।
उधर, जयंती पर दीनदयाल शोध संस्थान में 17 दिवसीय ग्रामोदय पखवाड़ा संपन्न हुआ। पखवाड़ा 25 सितंबर पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती से 11 अक्तूबर तक चला। इसमें अपराजित शुक्ला, डॉ. अनिल जायसवाल, डॉ. अशोक पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।