चित्रकूट। सपा शासनकाल में बने पहाड़ी ब्लाक अंतर्गत ममसी बुजुर्ग के राजकीय हाईस्कूल भवन की हालत महज एक साल में जर्जर हो गई थी, लेकिन सिडको के अधीक्षण अभियंता (एसई) ने तत्कालीन डीआईओएस से सांठगांठ कर हैंडओवर करा दिया।
वह तो अच्छा रहा कि उसी समय डीआईओएस का तबादला भी हो गया और नए आए डीआईओएस ने स्कूल भवन की हालत देख इसमें कक्षा लगाने से इनकार कर दिया अन्यथा कभी भ्ी बड़ा हादसा हो सकता था। 51.98 लाख रुपये की लागत से बने इस स्कूल भवन की सभी दीवारें फटी फर्श उखड़ी हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो इस भवन की बुनियाद भी इतनी कमजोर है कि इसकी मरम्मत का काम नहीं हो सकता। तब से चल रही जांच के बाद जब अधीक्षण अभियंता (एसई) विख्यात यादव को निलंबित और अन्य तीन अधिकारियों समेत वसूली करने के आदेश आए तो मामला फिर सामने आया। लोगों का कहना है कि तत्कालीन डीआईओएस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि बिना पड़ताल किये ही भवन हैंडओवर किया गया।
ममसी बुजुर्ग के इस राजकीय हाईस्कूल भवन का 19 जून 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिलान्यास किया था। 51.98 लाख रुपये की लागत से इस भवन को बनाने के लिए उप्र समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड ने काम शुरू किया था। महज एक साल में भवन तैयार हो गया था और सिडको के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (एसई) विख्यात यादव ने तत्कालीन डीआईओएस मो. रफीक से मिलकर इस भवन को हैंडओवर कर दिया था।
सूत्रों की मानें तो इस भवन को तत्कालीन डीआईओएस ने 17 अगस्त 2016 को हैंडओवर लिया था इसी दिन उनका तबादला भी हो गया था। जिसके चलते उन्होंने इस दिन कागज में हैंडओवर नहीं दिखाया था। कागज में आगे की तारीख सन बढा कर लिखा गया था। हैरत की बात यह रही कि विभाग में भी यह किसी ने देखा तक नहीं। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे, सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने कहा कि मामले की और गहन जांच हो जो अधिकारी भी दोषी हो तो उस पर कडी कार्रवाई की जाए।
कई बार की थी शिकायत
ममसी निवासी अशोक सिंह ने बताया कि उनके पिता झब्बू सिंह ने शिक्षा के प्रसार के लिए गांव में स्कूल खोलने के वास्ते अपनी भूमि दान दी थी। इस भवन के निर्माण के दौरान और बाद में भी कई बार मानक विहीन काम होने की शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कई बार इस स्कूल भवन की मरम्मत कराकर शिक्षण कार्य इसी भवन में कराने की मांग भी की गई।
भवन में नहीं चलती कक्षाएं
डीआईओएस बलिराज राम ने बताया कि इस भवन के जर्जर होने से ही कक्षा 9 व 10 की पढ़ाई गांव के जूनियर हाईस्कूल में कराई जा रही है। कागज में यह भवन जरूर हैंडओवर है लेकिन मौके पर जाकर देखा गया था तो किसी भी समय घटना होने की संभावना देखते हुए इसमें कक्षाएं संचालित नहीं कराई गईं। तमाम गडबडी व भ्रष्टाचार को लेकर विभागीय हैंडओवर मामले में कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं हैं। इस संबध में वह कुछ नहीं जानते।
यह है मामला
यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक शिवप्रसाद ने इस मामले की जांच के बाद माना है कि विभाग से लापरवाही हुई है। तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (एसई) विख्यात यादव, सहायक अभियंता राजीव त्रिपाठी, दूधनाथ सिंह व अवर अभियंता योगेश गुप्ता इसके जिम्मेदार हैं। जिसमें विख्यात यादव को छोड़कर अन्य सेवानिवृत हो चुके हैं। विख्यात यादव को निलंबित किया गया है। इन सभी चारों से रिकवरी कराई जाएगी और विभाग ही इस भवन को दुबारा 64.99 लाख रुपये में बनवायेेगा।
फोटो-8- ममसी बुजुर्ग गांव में स्थित राजकीय हाईस्कूल का जर्जर भवन। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT
फोटो-9- ममसी बुजुर्ग गांव में स्थित राजकीय हाईस्कूल का जर्जर भवन। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT