चित्रकूट। कन्नौज से आए तीन तीर्थयात्री और हमीरपुर जिले से इलाज कराने आए भाई-बहन समेत छह लोग सोमवार की देर रात लगभग साढ़ेे 11 बजे चित्रकूट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रात को चित्रकूट में रात्रि विश्राम के लिए कोई पूर्व निर्धारित स्थल न होने से सभी स्टेशन पर ही रुककर सुबह होने का इंतजार करते रहे। इन्हें तनिक भी अहसास नहीं था कि मंगलवार की सुबह इनके लिए काल बन जाएगी।
रेलवे स्टेशन पर कन्नौज के अनिरूद्ध, अखिलेश, अतर, हमीरपुर के धर्मेंद्र, निधि व सुमित अलग-अलग थे। सुबह स्टेशन के बाहर आने पर एक-दूसरे का परिचय हुआ तो धर्मेंद्र ने जानकीकुंड अस्पताल जाने की बात बताई। घायल सुमित के अनुसार, सभी ने तय किया कि पहले रामघाट में स्नान कर मंदिर में दर्शन करेंगे फिर तब तक अस्पताल खुल जाएगा तो इलाज कराने चले जाएंगे। जैसे ही वह स्टेशन गेट के बाहर निकले तो एक नई हरे रंग की ऑटो के चालक ने उन्हें रामघाट तक पहुंचाने की बात कही। ऑटो में ही एक अन्य युवक भी था।
कुल आठ लोग इसमें सवार होकर स्टेशन से लगभग साढ़े तीन किमी आगे रामघाट की ओर बढ़े तो ओवरटेक के बाद सामने से आए बालू लदे डंपर से टक्कर हो गई। इससे ऑटो के परखच्चे उड़ गए। इसमें सुमित को छोड़़कर चालक समेत सभी की मौत हो गई। जिला अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों ने यहां तक कहा कि मौत ने ही सभी को स्टेशन पर रोक दिया था अन्यथा वह सब चाहते तो रात मेें ही ऑटो या ई रिक्शा से रामघाट तक जा सकते थे क्योंकि वहां के लिए साधन रात में दो बजे तक चलते हैं।
20 मिनट तक तड़पते रहे घायल
चित्रकूट। चकमाली के पास दर्दनाक हादसे के दौरान मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों छोटू, सत्येंद्र कुमार आदि ने बताया कि घटना के बाद ऑटो सवार लगभग बीस मिनट तक हाईवे व ऑटो में फंसे तडपते रहे। बताया गया कि सूचना के बाद भी पुलिस व एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद एसपी व एएसपी ने मामले को संज्ञान लिया तो 20 मिनट बाद कार्रवाई शुरु हुई। वहीं, रेलवे स्टेशन से अन्य वाहनों से जा रहे अन्य यात्रियों ने बताया कि जब यह घटना होते देखी तो कांप गए। बताया कि यह सभी लोग स्टेशन के बाहर सेल्फी भी लेते देखे गए थे। शहर के कई जगह लगे सीसीटीवी फुटेज से यह पता लग सकता है कि ऑटो की गति क्या थी। घटना के दौरान ओवरटेक में किसकी गलती थी।
धर्मेंद्र था भाजपा नेता
चित्रकूट। हमीरपुर के भरूआ निवासी धर्मेंद्र सोनी बहन निधि के साथ आये थे। वह भाजपा के पिछड़े वर्ग के जिला मीडिया प्रभारी थे।