शरद पूर्णिमा में अमृत पाने के लिए खीर रखकर आसमां से अमृत बरसने का इंतजार करते श्रद्घालु। संवाद
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चित्रकूट/खोही। शरद पूर्णिमा पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान किया। भगवान कामता नाथ के दर्शन कर पंचोकोसी परिक्रमा लगाई। आधी रात को रामघाट में चांदी की रोशनी में खीर का प्रसाद चखा। जिसमेें दमा रोग से पीड़ितों की संख्या अधिक रही।
शरदपूणिर्मा पर्व पर धर्मनगरी क्षेत्र के तीर्थ स्थान स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, सती अनुसइया आश्रम सहित भरतकूप तीर्थ स्थल के दर्शन किया। मंठ मंदिरों में होने वाले कार्यक्रमों में भाग लिया। संत नवलेश दीक्षित, महंत दिव्य जीवन दास ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर्व में चांद सोलह कलाओं से पूर्ण रहता है। जैसे भगवान श्रीकृष्ण सोलह कलाओं से पूर्ण थे। इस दिन चांद के दर्शन करने से पूर्ण मिलता है। चांद की रोशनी में रख कर सुबह खीर खाने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।