चित्रकूट। धर्म नगरी के कई मंदिरों के साधू-संतों ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंप कर महंत नरेंद्र गिरि की मौत के प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही इस मामले में दोषियों को मृत्यु दंड दिए जाने की मांग की गई।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की प्रयागराज में बाघम्बरी मठ पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से धर्म नगरी के साधू-संत समाज में गहरा दु:ख है। बुधवार को विरक्त संत मंडल चित्रकूटधाम के सचिव कामदगिरि प्रमुख द्वार के मंहत मदन गोपाल दास महाराज, मोहित दास महाराज, ब्रह्मचारी सनकादिक महाराज, सीताशरण दास महाराज, सच्चिदानंद शरण महाराज, महंत रामबली दास त्यागी, दिनेश दास, ब्रजराज दास, हरिशरण, महंत माधव दास, अंजली शरण दास महाराज, रामप्रिय दास, अखिलेश्वर दास, राजकुमार दास आदि संतों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संतों ने मुख्यमंत्री से महंत नरेंद्र गिरि के मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने एवं दोषी पाए जाने वालों को मृत्यु दंड की सजा दिलाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। यह संत समाज के लिए एक अपूर्णनीय क्षति है। जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। ब्रह्मचारी सनकादिक त्यागी ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी की मृत्यु से देश के साधू समाज को काफी आघात लगा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए।