चित्रकूट। डाकू गौरी यादव के साथी 25 हजार के इनामी भालचंद्र की पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में अदालत के आदेश पर एसपी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। शुक्रवार को तारीख बढ़ने पर पुलिस को आंशिक राहत मिली है। अब 29 अक्तूबर के पहले रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया है। इसी संबंध में अदालत ने बहिलपुरवा थाना प्रभारी को अवमानना नोटिस जारी कर कहा है कि ज्यादा लापरवाही हुई तो कार्रवाई होगी।
31 मार्च को बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के जंगल में एसटीएफ व पुलिस टीम की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी पड़मनिया निवासी भालचंद्र को मार गिराया था। मौके से भालचंद्र के भाई को तमंचा व कारतूस के साथ पकड़कर जेल भेजा था। इस मामले में मृतक की पत्नी नथुनिया ने अदालत में फर्जी मुठभेड़ की याचिका डाली थी। जिस पर अदालत ने तत्कालीन एसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सात अक्तूबर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मामले में दो बार तारीख बढ़ चुकी है।
अधिवक्ता राजेंद्र यादव ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस पक्ष से बताया गया कि अभी विधि विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। जिस पर और समय मांगा गया। अधिवक्ता ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी दस्यु प्रभावित क्षेत्र) अदालत ने इस पर नाराजगी भी जताई और बहिलपुरवा थाना प्रभारी के खिलाफ अवमानना की नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पुलिस पक्ष को निर्देश दिए कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर 29 अक्तूबर को पूरी आख्या अदालत में पेश करें। इसके अलावा मृतक की पत्नी नथुनिया द्वारा पति की बरामद सामग्री लौटने के मामले में भी सुनवाई हुई। जिस पर पुलिस पक्ष ने बताया कि काफी सामग्री एकत्र हो चुकी है उसे जल्द अदालत में पेश करेंगे।