चित्रकूट में झांसी-प्रयागराज रेलमार्ग के भैरों पागा स्थित रेलवे पुल में रात को तीन मजदूरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। तीनों ने टिकुरा गांव के एक घर में शराब व मीट की पार्टी की थी। वहां से रात में शहर की ओर पैदल लौटते समय रेलवे पुल पर हादसा हुआ। एसपी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है।
सदर कोतवाली कर्वी के पुरानी बाजार स्थित एक लोहे की दुकान में गोकुलपुरी मोहल्ले के संतोष साहू (40) पुत्र कल्लू प्रसाद, पुरानी बाजार के उटारखाना के चंदू खान (25) पुत्र स्व.भूरा व कपसेठी टिकुरा के रामसिंह निषाद (50) पुत्र रामदास मजदूरी करते थे। बृहस्पतिवार को मजदूरी करने के बाद शाम को तीनों टिकुरा गांव गए थे।
यहां पर किसी दोस्त के घर मांसाहारी भोजन कर शराब की। नशे की हालत में संतोष और चंदू पैदल ही घर लौटने लगे तो तीसरा साथी रामसिंह उन्हें पुल पार कराने के लिए साथ चल दिया। रात आठ बजकर 45 मिनट पर तीनों रेलवे पुल पर थे। तभी गरीब रथ (डाउन) ट्रेन पीछे से आ गई।
तीनों ने दौड़ लगाकर बचने की कोशिश की लेकिन ट्रेन की चपेट में आए। जिसमें संतोष व चंदू की ट्रेन से कटकर मौत हो गई और रामसिंह ट्रेन से टकराकर मंदाकिनी नदी में गिर गया। घटना की जानकारी ट्रेन के चालक ने रेलवे स्टेशन में दी। आनन फानन जीआरपी, आरपीएफ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
देररात तक शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी। शुक्रवार की सुबह पुल पर दुर्घटना की जानकारी होने पर टिकुरा गांव के कुछ लोग पहुंचे तो बताया कि ये तो गांव से तीन लोग आए थे। दो शव की पहचान के बाद तीसरे की तलाश शुरू हुई। लगभग तीन घंटे बाद तीसरा शव नदी से गोताखोरों ने खोज निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।