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159 साल से हो रहा रामलीला का मंचन

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चित्रकूट। जिले में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में ऐतिहासिक रामलीला का आयोजन किया जाता है। इस साल कोरोना काल के नियमों के आधार पर कई स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जाएगा। जिसमें शहर के पुरानी बाजार के धुस मैदान में होने वाली रामलीला 1862 से होती आई है। इस बार 160 वीं रामलीला की तैयारी हो रही है। यहां पर बाहरी कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों का भी मंचन होता है।
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शहर में पुरानी बाजार, नई बाजार व शंकर बाजार सहित जिले के राजापुर, भाैंरी, मऊ कस्बे में ऐतिहासिक रामलीला का आयोजन किया जाता है। कोरोना काल के कारण पिछले साल कई स्थानों की रामलीला बंद हो गई थी लेकिन इस साल रामलीला कराने की कई स्थानों पर तैयारी की जा रही है। जिसमेें शहर के पुरानी बाजार धुस मैदान स्थित रामलीला भवन में 6 अक्तूबर से रामलीला का आयोजन किया गया है।
कमेटी के प्रबंधक श्याम गुप्ता ने बताया कि यह रामलीला 1862 से हो रही है। इस साल 160 वीं रामलीला का मंचन होने जा रहा है। कमेटी के उपाध्यक्ष गोरेलाल ने बताया कि शहर में सबसे पहले मंदाकिनी नदी किनारे तंबू लगाकार रामलीला का आयोजन किया गया था। जिसमेें स्थानीय कलाकारों ने भागेदारी की थी। जिसमें पं. काशीनाथ राव सहित स्थानीय व्यापारियों हरवंश प्रसाद व गौरी शंकर समेत समाज सेवियों का सहयोग रहा। इसके बाद लगातार रामलीला हो रही है।
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