फोटो-5- आग लगने की जानकारी होने पर बांसा पहाड़ मानिकपुर मार्ग के बीच रोकी गई ट्रेन। संवाद
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मानिकपुर (चित्रकूट)। पाठा क्षेत्र के जंगलों में बीते कई दिनों से लगी आग सोमवार को मुंबई हावड़ा रेलमार्ग के बांसा पहाड़ रेलवे लाइन तक पहुंच गई। हवा के बहाव के साथ तेज गति से बढ़ रहीं लपटों को देखकर रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन बांद्रा से सहरसा जा रही सुपर फास्ट ट्रेन और तीन मालगाड़ियों को रोका गया। इससे लगभग दो घंटे तक यात्री भीषण गर्मी में ट्रेन के भीतर बिलबिलाते रहे।
पाठा क्षेत्र के नागर, बासा पहाड़, सीमा से सटे मध्यप्रदेश के धारकुंड़ी के जंगलों में बीते कई दिनों से आग धधक रही है। जिला प्रशासन के आग पर नियंत्रण के तमाम दावे गलत सबित हुए। प्रयागराज से बाया सतना की ओर जाने वाले बांसा पहाड़ व बारामाफी रेलवे स्टेशन के बीच की रेल लाइन किनारे आग लगी रही।
मानिकपुर जंक्शन नजदीक होने से यहां से रेलकर्मियों की टीम पहुंची। उधर, सतना से भी टीम आई। चित्रकूट के वन और रेलकर्मियों ने आग को रोकने के प्रयास शुरू किए। इधर, बांद्रा-सहरसा एक्सप्रेस (22913) को बांसा पहाड़ से गुुजरने से पहले बारामाफी स्टेशन पर रोका गया। दोपहर एक बजकर 25 मिनट से रूकी ट्रेन लगभग दो घंटे तक प्रभावित रही। लंबी रूट की इस ट्रेन को भीषण गर्मी में जिस स्टेशन के पास रोका गया, वहां पेयजल के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इसी तरह प्रयागराज, मानिकपुर व सतना रूट से आने वाली तीन मालगाडियों को बांसा पहाड़ रेलवे स्टेशन के पहले रोका गया। करीब साढ़े तीन बजे रेल यातायात बहाल हो सका। बांसा पहाड़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर विक्रम सिंह ने बताया कि आग से रेलवे को किसी तरह का नुकसान नहीं है।