चित्रकूट/खोही/मानिकपुर/मऊ। कोरोना गाइडलाइन के बीच मंगलवार को स्कूल खुल गए। बच्चे उत्साह के साथ स्कूल पहुंचे। पहले दिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम रही।
जिले के एक हजार से अधिक स्कूलों के कुल डेढ़ लाख छात्रों के सापेक्ष महज 35 फीसदी ही उपस्थिति रही। कई स्कूलों में शिक्षण के पूर्व पूजा पाठ भी किया गया।
कोरोना काल की दूसरी लहर के लगभग पांच माह बाद 24 अगस्त से स्कूल खुल गये। स्कूल पहुंचने वाले छात्रों को सामाजिक दूरी बनाए रखने व सैनिटाइजर का प्रयोग करने को कहा गया। मास्क लगाने के बाद ही कक्षा के अंदर प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए दूर-दूर बैठया गया। बीएसए राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि लगभग 35 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति विद्यालयों में रही।
सुबह 9 बजे-
उच्च प्राथमिक विद्यालय बालापुर माफी
सुबह स्कूल में चहल-पहल दिखाई दी। पहला दिन होने के कारण बच्चे रुक-रुक कर स्कूल आते रहे। पंजीकृत 112 छात्र-छात्राओं में सिर्फ 29 ही उपस्थिति रहे। प्रधानाध्यापक राजनारायण सिंह ने बताया कि पहला दिन होने के कारण बच्चे कम आए हैं। धीरे-धीरे संख्या बढ़ेगी।
सुबह 10 बजे-
पंडित साधो प्रसाद शिक्षा निकेतन शंकर बाजार कर्वी
इस स्कूल में बच्चों की संख्या कुछ अधिक रही। मंगलवार को 350 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 80 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बच्चे अपने दोस्तों को देखकर खुश नजर आए। कक्षाओं में सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया। प्रधानाध्यापक पंकज दुबे ने बताया कि बच्चों को लाने के लिए शिक्षकों को घर भेजा जाएगा।
सुबह- 11 बजे-
पंडित देवमति पब्लिक स्कूल भौंरी
सुबह समय से बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल पहुंचे। प्रधानाचार्य प्रधानाध्यापक बृजेश ओझा ने बताया कि सभी बच्चे मास्क लगाए थे। स्कूल में उन्हें सैनिटाइज कराया गया। बच्चों से समान दू्री बनाए रखने को कहा गया है। कक्षाओं में भी कोविड नियम का ध्यान जा रहा है। कुल 200 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। जिसमें 60 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं
लगभग दो साल बाद खुले स्कूल तो कक्षा में सोशल डिस्टेंस के अनुपालन में इस तरह पढ़ाई कराई गई। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT