बरगढ़ के जैन मंदिर में पूजन करते भक्तगण। संवाद
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बरगढ़। कस्बे के कुंथुनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व धूमधाम से मना रहे है। जिसमें उत्तम धर्म का पालन करने के विषय में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जैन धर्म के अनुयायियों ने भगा लिया।
आचार्य संदीप व ने बताया कि मानव की सोच अपने जीवन को मंगलमय बनाने की होती है। जिसके लिए त्याग बहुत जरूरी है। संस्कृत में भाग का नहीं त्याग का व संग्रह का नहीं त्याग का महत्व है। मनुष्य की प्रतिष्ठा उसकी त्याग वृत्ति से होती है। लोभी व्यक्ति की मानसिकता अपवित्र होती है। ऐसा व्यक्ति कभी भी महानता को प्राप्त नहीं कर सकता। दूसरों की भलाई के लिए अपनी वस्तु को छोड़ देना ही त्याग है। मेघ जल का संग्रह कर मनुष्य को पानी देने का कार्य करते है। इसी तरह से मनुष्य के लिए कार्य करना चाहिए। मंदिर में विधान पूजा की गई। पर्व के आठवें दिन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस मौके परा विनय जैन, गुलाब चंद्र जैन, अजित जैन, फूलचंद्र, किशुन, प्रवीण व मंगलेश जैन आदि मौजूद रहे।