चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत सोमवार को वृद्धाश्रम शिवरामपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विदुषी मेहा ने बताया कि यदि वृद्ध माता पिता
अपना भरण पोषण करने में असमर्थ हैं तो वे अपने पुत्र एवं पुत्री से (चाहे वह विवाहित या अविवाहित हों) यदि उसके पास अपनी आय का पर्याप्त साधन है तो भरण पोषण प्राप्त कर सकते हैं।
सोमवार को उन्होंने बताया कि हिंदू दत्तक एवं भरण पोषण अधिनियम यह प्रावधान किया गया कि कोई हिंदू अपने जीवनकाल के दौरान अपने वृद्ध या निर्बल माता पिता का भरण पोषण करने के लिए आबद्ध है। महिला कल्याण
अधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन एवं महिलाओं के अधिकार विषय पर जानकारी प्रदान की। इस मौके पर जिला समन्वयक मीनू सिंह, वृद्धाश्रम के प्रबंधक जितेन्द्र मोहन शुक्ल व गोविंद प्रसाद आदि मौजूद रहे।