मऊ(चित्रकूट)। लाखों रुपये की लागत से बनी ब्लाक क्षेत्र के भिटारी गांव की गोशाला का हाल यह है कि भूसा घर की दीवारें फट गईं हैं। गोशाला संबधी अधिकृत जानकारी वाला बोर्ड गंदगी में पड़ा है। जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर भी लगी है लेकिन वहां आने जाने कई पार्टी के नेताओं को यह सब नहीं दिखाई पड़ता। खाली पड़े गोशाला में आग भी लग गई तो सूचना पर बीडीओ पहुंचे। खुद बीडीओ गोशाला की हालत देख चौंके लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
मऊ ब्लाक क्षेत्र के भिटारी गांव की गोशाला में मनरेगा से काम कराया गया। दो दिन पूर्व गोशाला में आग लगने की सूचना पर बीडीओ आशाराम सिंह पहुंचे तो उन्होंने खुद कहा कि कई काम मानक के अनुरूप नहीं लगते हैं। सपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य सिद्धार्थ पांडेय ने बीडीओ को लिखे पत्र में कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच कमेटी बने और इन गोशालाओं के भुगतान पर रोक लगाई जाए। दोषियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। 17 लाख रुपये की इस गोशाला के भूसा भंडार की दीवारें फट गईं हैं। इस भूसा भंडार के निर्माण में 5.95 लाख रुपये खर्च हुए हैं। टीन शेड में में बेहद हल्की व मानक विहीन टीन लगाई गईं हैं जो कई जगह से टूट चुकी हैं। भिटारी गांव के रमेश पटेल, महादेव, रमेश पांडेय, लालाराम, सुरेन्द्र नाथ, सुभाष पांडेय आदि ने गुणवत्ताविहीन बने गोशाला की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि लाखों रुपये का भुगतान बिना जांच के कर दिया गया है। मानकविहीन गोशाला में भूसा तो रखा है जो आग से जल गया लेकिन मवेशी नहीं है। दिन रात किसान अन्ना मवेशियों से परेशान हैं। मनरेगा की योजना लिखा बोर्ड जिसमें राष्ट्रपिता की तस्वीर भी बनी है वह गंदगी में पडी है।
कराई जाएगी जांच
मऊ। बीडीओ आशाराम सिंह ने बताया कि वह भिटारी गांव की गोशाला में आग लगने की सूचना पर गये थे। वहां कई काम मानक विहीन मिले हैं। संबधितों से जानकारी कर इसकी जांच कराई जाएगी। सरकारी धना का अपव्यय करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।