चित्रकूट। दो करोड़ रुपये के बीमा के धन को हासिल करने के लालच में निर्दोष व्यक्ति को जलाकर मारने के हत्यारोपी पति की सहयोगी महिला की जमानत जिला जज शेषमणि ने खारिज कर दी। मामला राजापुर थाना क्षेत्र के कंधवनिया गांव का है, जो इसी वर्ष जुलाई माह में सामने आया था।
दो जुलाई 2025 को कंधवनिया गांव के गिरजाशरण सिंह ने राजापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया पर जानकारी मिली है कि सिकरी अमान गांव के पास एक कार जल गई है, जिसमें एक शव बरामद हुआ है। कार उनके साले की थी, जिसे उनके दामाद सुनील सिंह (निवासी कनपुरा, रीवा, मध्य प्रदेश) चलाते थे। शव के पास मिले मोबाइल के आधार पर परिजनों ने शिनाख्त सुनील सिंह के रूप में की और अंतिम संस्कार भी कर दिया। परिजनों ने यह आशंका जताई थी कि सुनील सिंह की हत्या कर किसी ने गाड़ी में आग लगा दी है।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दो करोड़ रुपये के बीमा धन के लालच में सुनील सिंह ने अपनी पत्नी हेमा सिंह के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। सुनील सिंह ने अपने ही कद-काठी के व्यक्ति विनय सिंह को कार में बैठाया और चित्रकूट लाकर हत्या करने के बाद कार में आग लगा दी। इसके बाद खुद को मृत घोषित करा लिया ताकि बीमा धन प्राप्त किया जा सके।
वास्तविक मृतक विनय सिंह के भाई विकास सिंह ने बताया कि उसका भाई नशे का आदी था और लालच देकर सुनील उसे घर से अपने साथ ले गया था। पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी सुनील सिंह और उसकी पत्नी हेमा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बाद में हेमा सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से जिला सत्र न्यायाधीश के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को जिला जज शेषमणि ने आरोपी हेमा सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी।