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कि शोरी को लेकर रात डेढ़ बजे पहुंचे थे मंझनपुर अस्पताल

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चित्रकूट। पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस की जांच रविवार को शुरू हुई। इसमें ऑनरकिलिंग को लेकर पुलिस ने बड़ी सतर्कता दिखाई। मृतका के दो परिजनों के साथ ही गांव के कुछ लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। इलाज के लिए कौशांबी जिले के मंझनपुर स्थित जिस अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया था वहां के सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने एकत्र कर लिए हैं। फुटेज के अनुसार किशोरी को लेकर परिजन दो जून की रात लगभग डेढ़ बजे पहुंचे थे।
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रविवार की सुबह से मामले की जांच कर रहे राजापुर सीओ एसपी सोनकर अपनी टीम के साथ पहाड़ी थाने पहुंचे। तीनों पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद कई तथ्य जुटाए। एक घंटे तक मंझनपुर अस्पताल से लाए गए सीसीटीवी फुटेज को कई बार रिप्ले कर देखा गया। इसमें आने जाने वालों की पहचान आरोपियों के चेहरे से की गई। इसके बाद मृतका के परिजनों के चेहरों का मिलान कर उनसे पूछताछ की गई। मृतका की मां और तीन पड़ोसियों से पूछताछ की गई। पुलिस यह भी पता कर रही है कि तीनों आरोपियों का मृतका के घर आना जाना किस स्तर तक था।
तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ
प्लांट का संचालन करने वाली ब्लैक लीड कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अजहर से सीओ ने पूछताछ की। इसके बाद नामजद कंपनी के मेट मुख्य आरोपी नदीम व कंप्यूटर आपरेटर आदर्श पांडेय और कथित रूप से आरोपियों का सहयोगी विपुल मिश्रा से पूछताछ हुई। सबसे पहले पूछा गया कि किशोरी से दुष्कर्म किसने पहले किया अथवा कितने लोगों ने किस स्थान पर किया। मृतका के परिजनों से इन तीनों के संबंधों को विस्तार से जानने का प्रयास किया गया। यह भी पूछा गया कि इनके पहाड़ी पुलिस टीम में किससे जान पहचान है। दुष्कर्म की बात सामने आने के बाद परिजनों से कौन समझौता कर रहा था, जिससे पुलिस तक सूचना नहीं पहुंची। गला दबाने की बात भी पूछी गई। साथ ही अस्पताल तक जाने वालों की जानकारी ली गई।
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गांव में सन्नाटा, ढांढस बंधाने पहुंचे कई लोग
पहाड़ी। थाना क्षेत्र के जिस गांव में यह घटना हुई वहां की स्थिति रविवार को सामान्य रही हालांकि कोई भी किसी अपरिचित से बातचीत नहीं कर रहा था। आपस में किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या और उसके बाद चले घटनाक्रम को लेकर जरूर चर्चा करते रहे। पुलिस टीम गांव में गश्त करती रही। सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव व बसपा जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।
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