फोटो-10- चित्रकूट जिला जेल के गेट के पास मौजूद पुलिसबल। संवाद
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चित्रकूट। फर्रुखाबाद जिले की जेल में एक बंदी की मौत और बंदियों द्वारा किये गये पथराव की घटना को लेकर चित्रकूट जिला जेल रगौली में भी सतर्कता बरती जा रही है। रविवार को जेल अधीक्षक ने टीम के साथ सभी बैरकों में बंदियों की तलाशी लेने के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि जेल में सबकुछ शासन के नियमों के अनुकूल है।
गौरतलब है कि जिले के रगौली जेल में 14 मई को तीन कैदियों के बीच गैंगवार हुआ था। जिसमें सीतापुर जिले के गैंगस्टर अंशु दीक्षित ने जेल परिसर के अंदर आधुनिक पिस्टल से कई फायरिंग कर कुख्यात अपराधी मेराजुद्दीन व मुकीम काला को गोली मार कर हत्या कर दी थी।
इसके बाद जेल परिसर में अधिकारियों व अन्य बंदियों के बीच जाकर जमकर हंगामा किया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल पूरी फोर्स लेकर पहुंचे थे और जेल के अंदर ही हत्यारोपी गैंगस्टर अंशु दीक्षित को पुलिस टीम ने ढेर कर दिया था। अब लगभग छह माह बाद प्रदेश की फर्रुखाबाद जिले की जिला जेल में बंदियों व पुलिस टीम के बीच हुई पथराव व गोली चलने की घटना को देखते हुए चित्रकूट के जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जेल के अधिकारी एलर्ट हो गये है।
दोपहर को जेल अधीक्षक अशोक सागर ने जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी टीम के साथ समीक्षा बैठक किया। इसके साथ ही बैरकों का निरीक्षण किया। जेल में इस समय कई कुख्यात बदमाशों समेत कुल 705 बंदी हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि उन्हें 55 लोगों को और स्टाफ मिला है। जिससे अब स्टाफ कुल 80 हो गए हैं। जिनकी शिफ्टवार डयूटी लगाई जाती है।
जेल परिसर के सभी 36 सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। बताया कि जेल परिसर के अस्पताल में ही बंदियों का प्राथमिक इलाज कराया जाता है। दो डाक्टर व अन्य स्टाफ मौजूद रहता है। इसके अलावा भोजन व अन्य व्यवस्थाएं शासन की मंशानुरूप चल रहीं हैं। बंदियों को समय समय पर कैंप लगाकर जागरूक भी किया जाता है।