मानिकपुर (चित्रकूट)। कस्बे में रहने वाले एक जनप्रतिनिधि के घरवालों ने 25 साल बंधुआ मजदूर की तरह काम कराया। बीमार होने पर बेसहारा छोड़ दिया। परिजनों ने जमीन बेचकर इलाज कराया। इसके बावजूद जान नहीं बच सकी। अब रुपये मांगने पर जनप्रतिनिधि के परिवार वाले धमकी दे रहे हैं। यह शिकायत सीएम, डीएम, एसपी और थानाप्रभारी को भेजे पत्र में मजदूर के भाई ने की है।
मानिकपुर के महावीर नगर निवासी प्रमोद त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि वे पांच भाई थे। दूसरे नंबर का भाई अशोक कुमार त्रिपाठी उर्फ टाटे कस्बे के एक जनप्रतिनिधि के यहां रहकर बंधुआ मजदूर की तरह काम करता था। करीब दो साल पहले जनप्रतिनिधि की मौत हो गई। इसके बाद उनके परिवार वाले जमीन और मकान का झांसा देकर काम कराते रहे। 13 अप्रैल 2021 को अशोक को पैरालिसिस हो गया। इस पर वह लोग अशोक को घर छोड़ गए।
प्रयागराज में उसका इलाज कराया गया। जहां सात मई 2021 को मौत हो गई। खेत आदि बेचकर इलाज में 15 लाख रुपये खर्च हो गए। जनप्रतिनिधि के परिजनों ने वादा किया था कि इलाज में खर्च की गई धनराशि को वह देंगे। अब मांगने पर मारने पीटने की धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी गिरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है मामले की जांच कराई जाएगी।