चित्रकूट। नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में दोषी को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया है।
अभियोजन अधिकारी तेज प्रताप सिंह ने बताया कि राजापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने सात नवंबर 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उमादत्त उर्फ गंगापारी निवासी रायबरेली के सलोन थाने के गांव पकसरावां एवं हाल मुकाम पता सुरसेन उसकी नाबालिग बेटी को गांव से अगवा कर ले गया। कुछ समय बाद आरोपी व किशोरी पुलिस को मिल गए। पुलिस ने उमा के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मामला दर्ज किया।
इसी मामले में बुधवार को न्यायाधीश (एफटीसी) विनीत नारायण पांडेय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषसिद्ध होने पर उमादत्त को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसको एक लाख रुपये का अर्थदंड भी दिया है। इस मामले में राजापुर थाना प्रभारी अवधेश मिश्रा व पैरोकार आरक्षी आकाश कुमार यादव ने समय से गवाहों की पेशी कराई। मामले में शासकीय अधिवक्ता तेजप्रताप सिंह ने प्रभावी बहस की।