सैनी क्षेत्र के रामपुर धमावां में शुक्रवार रात अराजक तत्वों ने भगवान बुद्ध और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त कर दीं। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सैनी क्षेत्र के रामपुर धमावां गांव में अनुसूचित जाति के लोगों ने सड़क किनारे अपनी भूमिधरी जमीन पर डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगवान बुद्ध की मूर्ति स्थापित कर रखी है। पांच साल पहले लगाई गई इन दोनों मूर्तियों को शुक्रवार की रात अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह मूर्ति क्षतिग्रस्त देख अनुसूचित जाति के लोगों में आक्रोश फैल गया।
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गांव के गया प्रसाद ने मामले में सूचना सिराथू चौकी प्रभारी आशुतोष द्विवेदी को दी। मौके का मुआयना कर चौकी प्रभारी क्षतिग्रस्त मूर्ति को ठीक कराने का पैसा देकर वापस चले आए, लेकिन अनुसूचित वर्ग के लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए। इन लोगों ने सैनी कोतवाली जाकर घटना की तहरीर दी। मूर्ति तोड़े जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल एपी तिवारी मौके पर पहुंच गए।
प्रारंभिक जांच के बाद कोतवाल ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल ने बताया कि सिराथू चौकी प्रभारी के अगुवाई में टीम गठित कर अराजक तत्वों की खोजबीन की जा रही है। सिराथू क्षेत्र के बसपा अध्यक्ष केएल गौतम का कहना है कि अराजक तत्वों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के साथ ही प्रशासन अपने स्तर से नई मूर्ति पुन: स्थापित कराए।
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24 घंटे में नई मूर्ति लगवाने का आश्वासन
रामपुर धमावां में आंबेडकर और भगवान बुद्ध की मूर्ति तोड़ने की खबर पर तहसीलदार सिराथू श्यामलाल भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि नई प्रतिमा मंगवा ली गई है। 24 घंटे के अंदर उसी स्थान पर फिर से मूर्ति स्थापित करा दी जाएगी।