राकेश नगर निवासी बहोरन सिंह ने बताया कि 1 जून को वह घर के बाहर बैठे हुए थे। तभी मोनू सविता और अमित यादव आए। उन्होंने हाथों में तमंचे लिए थे। दोनों ने फायर किए। अमित यादव का फायर मिस हो गया। हमलावरों के साथ रेवी यादव सहित कई युवक और भी थे। उन्होंने घर में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
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बहोरन सिंह का आरोप है कि पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। मगर, अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया। 20 जून को पुलिस ने उनके घर में दबिश दी। पुलिस उनके परिचित लवकुश की तलाश में आई थी। वह उनके घर में रहने आया था। वह जा चुका था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार को धमकाया। दहशत की वजह से पूरा परिवार सिकंदरा क्षेत्र में रहने चला गया।
मगर, छोटा भाई चंद्रेश घर में सोने के लिए आ जाता था। दो दिन से वह उनसे मिलने नहीं आया। इस पर बहन ममता घर आई। उसे गेट पर ताला लगा मिला। वह ताला खोलकर अंदर गई तो देखा कि चंद्रेश कमरे में फंदे पर लटका हुआ है। उसकी चीख निकल गई। जानकारी पर परिजन आ गए। उन्होंने कहा कि नामजद आरोपियों ने हत्या कर शव लटकाया है। घटना के बाद से कुछ पुलिसकर्मियों पर भी उत्पीड़न के आरोप लगाए।
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शव दो दिन पुराना
एसीपी पियूष कांत राय ने बताया कि शव दो दिन पुराना लग रहा है। फंदे पर लटका हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही माैत का कारण पता चलेगा। पूर्व में वांछित अभियुक्त का मृतक के घर पर उठना बैठना था। इस वजह से पुलिस गई थी। मगर, वो नहीं मिला था। बाद में मृतक के परिवार के लोग घर छोड़कर चले गए थे। परिजन के आरोप की जांच की जाएगी।