चहनियां के सराय रसूलपुर गांव में मिली उमा महेश्वर की मूर्ति का हुआ पूजन अर्चन।
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चहनियां। क्षेत्र के सराय रसूलपुर गांव में प्रकाश यादव के खेत में मिली 11-12वीं शताब्दी की उमामाहेश्वर की प्रतिमा देखने के लिए गांव में भीड़ लग रही है। वहीं परिवार वालों ने मूर्ति को अपने घर एक रूम में रख कर पूजा अर्चना शुरू कर दी है।
गांव निवासी प्रकाश यादव सोमवार को अपने खेत का समतलीकरण करा रहे थे। तभी कि मिट्टी में दबे किसी चीज का एहसास हुआ तो मजदूरों ने खुदाई शुरू की। दो फुट की खुदाई हुई तो उसमें से उमामाहेश्वर की मूर्ति मिली। इस मूर्ति में शिव पार्वती, भगवान कार्तिकेय, भगवान गणेश, नंदी सहित पूरा परिवार एक साथ है। मूर्ति को देखने के लिए आस-पास के लोग देखने के लिए जुटने लगे हैं। वहीं परिवार वालों ने मूर्ति को अपने घर लाकर एक रूम में रख कर पूजा पाठ शुरू कर दी है। परिजनों का कहना है कि बाडेश्वर महादेव मंदिर के पास एक मंदिर का निर्माण कराकर मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। इसके पूर्व बीएचयू के प्राचीन इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनोद कुमार जायसवाल ने इसे 11-12वीं शताब्दी का बताया है। पुरातत्व विभाग ने भी जांच पड़ताल की बात कही है। बता दें कि जिले से सटे सोनभद्र जनपद के घोरावल तहसील के समीप शिवद्वार में भी खुदाई में मिली प्राचीन उमा माहेश्वर की इसी शैली की मूर्ति स्थापित है। उस मूर्ति का इतिहास भी 11वीं 12वीं शताब्दी का ही माना जाता है।