पीडीडीयू नगर। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद ट्रेनों से शराब तस्करी का खेल जारी है। सुरक्षा बलों के सहयोग से ही ट्रेनों से शराब की तस्करी की जा रही है। पटना पुलिस की पकड़ में आए शराब तस्करों ने इसका खुलासा किया है। ट्रेन से शराब तस्करी को लेकर पीडीडीयू मंडल में खलबली मची है।
हावड़ा दिल्ली रूट पर अतिव्यस्त पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन शुरू से ही तस्करी के लिए बदनाम रहा है। इस रूट से शराब ही नहीं नकली नोट, सोना चांदी और यहां तक कि मानव तस्करी भी होती है। हालांकि यहां अक्सर ही जांच में तस्करी के सामान बरामद भी होते हैं। बावजूद इसके तस्कर इसके ट्रांजेक्टशन प्वाइंट मानते हैं। बिहार में शराब बंदी लागू होने के बाद बड़े पैमाने पर यहां तस्करी कर शराब पहुंचता है। सड़क मार्ग के तस्करों ने ट्रेन को तस्करी का आसान साधन मान लिया है। अक्सर ही आरपीएफ और जीआरपी शराब तस्करों को पकड़ती है। अब पटना पुलिस की पकड़ में आए तस्करों के खुलासा ने स्थानीय जीआरपी और आरपीएफ पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। तस्करों के अनुसार बिहार बार्डर से सटा होने के कारण पीडीडीयू जंक्शन से शराब तस्करी में आसानी होती है। रेलवे कॉलोनियों से शराब तस्कर रात में दुकान बंद होने से सुबह सुर्योदय तक ट्रेनों पर सवार होते हैं। तस्करों के मुताबिक शराब की हर बैग और बोतल की कीमत तय होती है। बिना सुरक्षा बलों को चढ़ावा चढाए ट्रेन में चल नहीं सकते हैं। बिना पैसे दिए ट्रेन पर चढ़ने पर चालान किया जाता है। ट्रेन में सवार होने के बाद अगर रास्ते में स्कार्ट बदलता है तो नए सिपाही को तस्करी की पूरी जानकारी देकर जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। इस खुलासे से चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। इस संबंध में पीडीडीयू जीआरपी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि ट्रेनों से शराब तस्करी बंद है। यदि कभी कोई तस्करी करता दिखता है तो उसे पकड़ लिया जाता है। मामले की जांच होगी।